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लम्बी वेटिंग में फंसे रहे गोमती नगर रेलवे स्टेशन कॉम्प्लेक्स के 200 दुकान!

  • रेलवे लैंड डेवलमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) ने स्टेशन के बाहर आर1 व आर2 टॉवर किया था प्लान
  • 2021 में प्रोजेक्ट किया लॉन्च, 200 आवंटी जुड़े, अब तक किये 95 फीसद भुगतान, नहीं मिला कब्जा
  • पीड़ित आवंटियों के मुताबिक, 30 सितंबर 2023 तक मिलना था कब्जा, अब तक पूर्ण नहीं हुआ कार्य
  • डेढ़ साल से लगाते आ रहे रेरा के चक्कर, रक्षामंत्री व लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह से संपर्क में लगे
  • आरएलडीए के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर के स्टाफ उठाते रहे फोन, सुनते रहे प्रकरण और अंतत: भेजी प्रतिक्रिया

लखनऊ। कहने को आज के अत्याधुनिक व हाई स्पीड तकनीक दौर में साधारण, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट के बाद अब सेमी हाईस्पीड रेल गाड़ियां जिनमें तेजस, शताब्दी, राजधानी, वंदे भारत और अब आगे बुलेट गाड़ी पटरियों पर दौड़ाने की तैयारी चल रही है। लेकिन इन सबके बावजूद अभी भी चाहे दीवाली, छठ, होली, दशहरा, दुर्गा पूजा, ईद, बकरीद या क्रिसमस न्यू ईयर जैसे तीज त्यौहार हों तो संभवत: हर खासोआम को एक अदद रिजर्वेशन के लिये काफी माथापच्ची करनी पड़ती है और उसके तमाम जद्दोजहद के बाद उसके सामने स्क्रीन पर यही दिखता है…वेटिंग, आरएसी या फिर नो रूम यानी सीट पूरी तरह फुल, अब रेल यात्रा की कोई गुुंजाइश नहीं।

अब कुछ इसी तरह की परिस्थितियां सूबे की राजधानी में गोमती नगर एरिया में हाई फाई यात्री सुविधाओं से लैस और बनते जा रहे गोमती नगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन को लेकर गुरुवार को सुनाई और दिखायी पड़ीं।दरअसल, यहां विभूति खंड स्थित पूर्व पीएम व लखनऊ के जनप्रिय सांसद रहे अटल बिहारी बाजेपयी के स्वर्णिम रेल प्रोजेक्ट के तहत उक्त स्टेशन को पिछले काफी समय से एयरपोर्ट की तर्ज पर डेवलप किया जा रहा और यहां से एक से एक नई रेल गाड़ियों का भी संचालन शुरू किया गया और कुछ आगे प्लान में भी हैं। 

मगर इसके आसपास जो कॉमर्शियल रूप से चीजें डेवलप की जा रही हैं, उनमें साल 2020-21 में आरएलडीए के तहत इस स्टेशन से जुड़ी हुई प्रीमियम कॉमर्शियल दुकानों की आवंटन प्रक्रिया को लॉन्च किया गया था। जिसमें दो टावर हैं, आर1 और आर2 जिसमें तब तक करीब 150 से 200 स्वतंत्र आवंटियों ने रूचि दिखाते हुए अपना पैसा लगाया ताकि समय रहते उन्हें इस पर कब्जा मिल जाये और वो अपना कल कारोबार शुरू कर सकें जिससे उनका जीविकोपार्जन सही तरीके से चल सके।

इसी मु्द्दे को लेकर गुरुवार को आर1 व आर2 कॉमर्शियल कांप्लेक्स व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए और अपनी बातें रखीं। एसो. के वरिष्ठ पदाधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि हम सभी आवंटियों को नियमत: 30 सितंबर 2023 तक स्टेशन एरिया में डेवलप होने वाले कॉमर्शियल दुकानों पर कब्जा मिल जाना चाहिये था, मगर आज हम लोग तकरीबन उसके मूल्य का 95 फीसद भुगतान किश्तों में अदा कर चुके हैं, और फिर भी अब तक 200 से 250 करोड़ रुपये लगाकर बीते चार पांच सालों से हमारे हाथ पूरी तरह खाली हैं। 

ऐसे में शायद उपरोक्त स्थितियों को लेकर यही कहा जा सकता है कि टिकटों के आरक्षण सूची की तरह ये आवंटी भी कहीं न कहीं रेलवे द्वारा ग्रीन सिग्नल देने के बाद और आरएलडीए के तहत बनाये जाने वाले इस अहम प्रोजेक्ट की लंबी वेटिंग में फंस चुके हैं जिसमें एचओ कोटा या फिर रेलवे बोर्ड या मंत्रालय की अभिरूचि कब तक बनेगी, यह देखने वाली बात होगी।

अफसर फोन तक नहीं उठाते, 18 फीसद ब्याज की मांग…!

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वहीं सचिव जयेश सूद का कहना रहा कि अभी तक आरएलडीए या फिर रेलवे के किसी भी सक्षम अधिकारी द्वारा स्पष्ट व अंतिम कब्जा तिथि का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है जिससे इस अति विलंब के चलते आवंटियों को भारी रूप से आर्थिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं उनकी मांग अब यह भी है कि जो भी उपरोक्त डिलेवरी टाइमिंग रही, उसके बाद से भरपाई के तहत 18 फीसद ब्याज का भी भुगतान कराया जाये ताकि उन सबको कुछ सहूलियत मिल सके। 

आगे इनका यह भी कहना रहा कि अब तो स्थिति यह हो गयी है कि सरकार की इतनी महत्वाकांक्षी रेल योजना को लेकर आरएलडीए या फिर रेलवे का उच्चस्थ प्रशासन इतना असंवेदनशील और बेपरवाह क्यों हैं, कि अब कोई इनका अफसर जो भी कुछ नंबर दिये गये हैं, कॉल करने पर फोन तक नहीं उठाता। 

एलडीए की हरी झंडी, आवंटियों को जल्द मिलेगी राहत: आरएलडीए
आरएलडीए प्रशासन की तरफ से तरूणमित्र टीम को फोन पर यह आधिकारिक बयान आया जिसके तहत गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर उक्त दोनों कमर्शियल टावरों का निर्माण पूरा हो गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण  ने 06.08.2026 को आर1 व आर2 ब्लॉक के लिए ‘पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट’ जारी कर दिया है। 

इन ब्लॉक को जोड़ने वाले पुलों का काम काफी आगे बढ़ चुका है और उम्मीद है कि यह एक महीने के भीतर पूरा हो जाएगा। इस बीच, आवंटियों को कमर्शियल यूनिट्स का कब्जा सौंपने की प्रक्रिया की योजना बनाई जा रही है। आएलडीए पूरी प्रक्रिया के दौरान पूरी पारदर्शिता बनाए रखने और सभी नियमों का पालन करते हुए, कब्जा सौंपने का काम सुचारू और समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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