प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार 14 अप्रैल को 40 मिनट की लंबी फोन बातचीत हुई। अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी दी। यह इस साल दोनों नेताओं के बीच तीसरी फोन कॉल है और ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद दूसरी बातचीत है।
इससे पहले 2 फरवरी को दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते में हुई प्रगति की घोषणा की थी। 24 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई थी। अब तीसरी बार बात हुई।
यह भी पढ़ें: ईरान के बवाल से गरीब हो जाएंगे 25 लाख भारतीय! हैरान कर देगी यह रिपोर्ट
विस्तार से हुई बात
राजदूत गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। इसमें ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी का मुद्दा भी शामिल था। दोनों देशों के बीच ऊर्जा समेत कई बड़े समझौते जल्द होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने खुद एक्स पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘हमने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। हम अपने व्यापक वैश्विक सामरिक साझेदारी को सभी क्षेत्रों में और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत
मोदी ने आगे कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और सुलभ रखने’ पर जोर दिया।
पहली कॉल के बाद भी मोदी ने शांति की बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘भारत शीघ्रतम डी-एस्केलेशन और शांति की बहाली का समर्थन करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला और सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है।’
वर्तमान स्थिति
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पिछले सप्ताह हुए बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला। अब युद्ध ठहराव की स्थिति में है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं। 22 अप्रैल तक युद्धविराम जारी है।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच 47 साल बाद सप्ताहांत में आमने-सामने की बातचीत हुई लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी शुरू करने की घोषणा की है। इसके जवाब में ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बंदरगाहों को धमकी दी है। अगले दौर की बातचीत इस सप्ताह या अगले सप्ताह की शुरुआत में हो सकती है।
महत्वपूर्ण समय
यह फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है। अगर यह बंद हुआ तो पूरी दुनिया के तेल के दाम बढ़ सकते हैं और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
यह भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान युद्ध क्या खाद्य संकट भी लाएगा या हमने 2008 और 2022 से कुछ सीखा है?
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर दोनों देश काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की यह बातचीत दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।












