श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक में 18 अप्रैल 2026 को ग्राम बाल संरक्षण समिति की बैठकें आयोजित की गईं। ये बैठकें चौबेडीह और अचरौरा शाहपुर ग्राम पंचायतों में ‘बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश’ और मिशन वात्सल्य के तहत हुईं, जिनका मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके समग्र विकास पर चर्चा करना था। बैठकों की संयुक्त अध्यक्षता ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक ने की। इसमें बाल श्रम उन्मूलन और 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए ग्राम स्तर पर लगातार निगरानी और प्रयास आवश्यक हैं। बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, बीओसीडब्ल्यू (BOCW) योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु ई-श्रम कार्ड बनवाने पर बल दिया गया। आगामी अक्षय तृतीया पर्व को देखते हुए बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने की रणनीति भी तय की गई। ग्राम प्रधानों को मैरिज एवं माइग्रेशन रजिस्टर में समय से विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए। बैठकों के दौरान जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें बैनर और पोस्टर के माध्यम से ग्रामीणों को बाल श्रम और बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर महिलाओं, युवाओं और अन्य समुदाय के लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, विशेष किशोर पुलिस इकाई, मिशन शक्ति टीम, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री, आशा, एएनएम सहित कई विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के अभिषेक जी और देहात इंडिया के सारजन वर्मा की भी उपस्थिति दर्ज की गई।
जमुनहा में बाल संरक्षण समिति की बैठक हुई:बाल श्रम और बाल विवाह रोकथाम पर दिया गया जोर
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