गिलौला क्षेत्र के पिपरा गांव में गंदे पानी के जमाव से ग्रामीणों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पास स्थित बड़े तालाब में पूरे गांव का दूषित पानी जमा होने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब में लगातार गंदा पानी पहुंचने से मच्छरों, कीड़े-मकोड़ों और बैक्टीरिया की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते बच्चों और बुजुर्गों में बुखार, त्वचा रोग और पेट संबंधी बीमारियां फैलने लगी हैं। शाम होते ही पूरे इलाके में दुर्गंध फैल जाती है, जिससे लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो जाता है। गांव निवासी गोपाल, शंकर साहू, विनोद, देशराज और भूरे गोस्वामी ने बताया कि तालाब उनके घरों के बिल्कुल पास स्थित है। गंदे पानी के कारण बीमारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। पानी का जमाव बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव के बाहर पक्के नाले के निर्माण की मांग की है, ताकि गंदे पानी की निकासी गांव से दूर हो सके और तालाब का पानी साफ बना रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो गांव में बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है। वहीं, प्रधान प्रतिनिधि राज कुमार ने बताया कि समस्या को गंभीरता से लिया गया है। जल्द ही गांव में नाले का निर्माण कराकर गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है।
गंदे पानी के जमाव से बीमारी का खतरा:पिपरा के ग्रामीणों ने पक्का नाला निर्माण की मांग की
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












