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पहले चरण से पहले पुलिस को चुनाव आयोग की चेतावनी, गड़बड़ी पर होगी तत्काल कार्रवाई

कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पूर्व चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस को कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं कोई अप्रिय घटना होती है तो तुरंत कार्रवाई करनी होगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चेतावनी दी कि स्थिति नियंत्रित करने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन किसी क्षेत्र से हथियार, बम या गोलियां बरामद होने पर संबंधित थाने के प्रभारी अधिकारी को तत्काल कदम उठाने होंगे, अन्यथा आयोग कठोर कार्रवाई करेगा।

बैठक में उन्होंने यह भी पूछा कि पिछली विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान हिंसा और अशांति फैलाने के आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने जिला पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे अपराधियों की पहचान कर उन पर नजर रखी जाए, जिन पर पहले से हिंसा के मामले दर्ज हैं, ताकि वे इस चुनाव में फिर से माहौल खराब न कर सकें।

आयोग ने स्पष्ट किया कि इस बार स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है और इसके लिए अब केवल पांच दिन शेष हैं।

16 जिलों के पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को शनिवार देर रात भेजे गए निर्देश में मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने में पुलिस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। बताया जा रहा है कि पहले चरण के मतदान की निगरानी के लिए 40 हजार से अधिक राज्य पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पूर्व चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस को कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं कोई अप्रिय घटना होती है तो तुरंत कार्रवाई करनी होगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चेतावनी दी कि स्थिति नियंत्रित करने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन किसी क्षेत्र से हथियार, बम या गोलियां बरामद होने पर संबंधित थाने के प्रभारी अधिकारी को तत्काल कदम उठाने होंगे, अन्यथा आयोग कठोर कार्रवाई करेगा।

बैठक में उन्होंने यह भी पूछा कि पिछली विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान हिंसा और अशांति फैलाने के आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने जिला पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे अपराधियों की पहचान कर उन पर नजर रखी जाए, जिन पर पहले से हिंसा के मामले दर्ज हैं, ताकि वे इस चुनाव में फिर से माहौल खराब न कर सकें।

आयोग ने स्पष्ट किया कि इस बार स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है और इसके लिए अब केवल पांच दिन शेष हैं।

16 जिलों के पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को शनिवार देर रात भेजे गए निर्देश में मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने में पुलिस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। बताया जा रहा है कि पहले चरण के मतदान की निगरानी के लिए 40 हजार से अधिक राज्य पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

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