लखनऊ। अक्षय तृतीया का जैन धर्म में विशेष महत्व है। यह दिन जैन समाज के लिए अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण है,क्योंकि इसी दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ने एक वर्ष के दीर्घ तप और कठोर संयम के पश्चात इक्षुरस (गन्ने के रस) से अपना प्रथम आहार ग्रहण किया था,जिसे‘ पारणा’ कहा जाता है। ये बातें जैन धर्म प्रवर्धनी सभा लखनऊ के अध्यक्ष अतुल कुमार जैन ने कही। उन्होंने कहा लखनऊ के सभी जैन मंदिरों में भगवान आदिनाथ का जल एवं गन्ने के रस से अभिषेक किया गया। तत्पश्चात भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना एवं भक्तामर विधान का आयोजन किया गया।
अक्षय तृतीया का जैन धर्म में विशेष महत्व:अतुल
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