Homeदेश (National)सप्लीमेंट्स नहीं, रोज का खाना ही पूरा करेगा विटामिन B6 की कमी

सप्लीमेंट्स नहीं, रोज का खाना ही पूरा करेगा विटामिन B6 की कमी

आजकल जब कमजोरी और थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो लोग तुरंत दवाइयों और सप्लीमेंट्स की ओर भागते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व आपकी रोज की थाली में ही मौजूद होते हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण विटामिन है विटामिन बी6, जिसकी कमी को पूरा करने के लिए सिर्फ दवा नहीं बल्कि सही आहार ही काफी है।

विटामिन बी6 शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल भोजन को ऊर्जा में बदलता है बल्कि दिमाग को स्वस्थ रखने, मूड बेहतर करने और इम्यूनिटी मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसके बावजूद लोग अक्सर इसकी कमी पूरी करने के लिए सीधे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, जो हर बार जरूरी नहीं होता है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक, विटामिन बी6 शरीर में 100 से अधिक एंजाइमिक प्रतिक्रियाओं के लिए अहम है, जिसमें अमीनो एसिड और हीमोग्लोबिन का निर्माण शामिल है। इसलिए शरीर की कमजोरी, डिप्रेशन और लो हीमोग्लोबिन से लड़ने के लिए विटामिन बी6 बेहद जरूरी है।

अब सवाल उठता है कि विटामिन बी6 किस प्रकार के भोजन से मिल सकता है। हमारे रोजमर्रा के भोजन जैसे चना, चिकन, केले, आलू और टमाटर का सूप खाने से शरीर को विटामिन बी6 मिलता है। अब सवाल उठता है कि इन फलों और सब्जियों को हर दिन कितनी मात्रा में खाना चाहिए ताकि हम संतुलित मात्रा में विटामिन की पूर्ति कर सकें।

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कौन से आहार खाने से मिलता है विटामिन बी6?

केला- एक सामान्य आकार का केला रोज एक बार खाने से करीब 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। इसके अलावा केला खाने से शरीर को विटामिन C और पोटेशियम भी मिलता है। केले को नाश्ते से 2 घंटे पहले खाना सही माना जाता है।

आलू- लगभग एक कप उबले हुए आलू खाने से करीब 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। आलू से पोटैशियम, विटामिन C और फाइबर भी मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलू के छिलकों में भी विटामिन और फाइबर होता है। इसलिए आलू को अच्छी तरह धोकर उबालना चाहिए। उबले हुए आलू खाने से ही विटामिन मिलता है क्योंकि तले हुए आलू में विटामिन नष्ट हो जाते हैं।

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चिकन- 85 ग्राम चिकन ब्रेस्ट खाने से करीब 0.5 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। चिकन पकाते समय ध्यान रखें कि इसे उबालकर या भाप में पकाया जाए ताकि इसके पोषक तत्व बरकरार रहें।

टमाटर- एक कप टमाटर का सूप पीने से लगभग 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। इसके अलावा इसमें विटामिन A, विटामिन C और पोटैशियम भी होता है, जो दिल और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

चना – दिनभर में आधा कप चना खाने से करीब 0.55 मिलीग्राम विटामिन बी6 मिलता है। चना खाने से शरीर को पोटैशियम भी मिलता है। विटामिन बी6 की कमी से जूझ रहे लोगों को ऐसे आहार जरूर खाने चाहिए।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के शोध के मुताबिक हर व्यक्ति को अपनी उम्र के हिसाब से विटामिन बी6 युक्त आहार लेना चाहिए। 19 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को रोजाना 1.3 मिलीग्राम विटामिन बी6 का सेवन करना चाहिए।

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विटामिन बी6 के फायदे

विटामिन युक्त आहार खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

हीमोग्लोबिन बनना- विटामिन बी6 हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जिससे व्यक्तियों को एनीमिया का खतरा कम हो जाता है।

स्वस्थ हृदय– यह शरीर के खून में पाए जाने वाले अमीनो एसिड यानी होमोसिस्टीन की मात्रा कम करता है, जिससे हृदय संबंधी रोगों का खतरा कम हो जाता है।

स्वस्थ त्वचा – विटामिन बी6 युक्त आहार खाने से त्वचा स्वस्थ रहती है।

स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य – विटामिन बी6 शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर ( chemical messenger) बनाने में अहम भूमिका निभाता है। न्यूरोट्रांसमीटर से दिमाग तेजी से काम करता है।

विटामिन बी6 की कमी के लक्षण

जिन लोगों के शरीर में विटामिन बी6 की कमी होती है उनमें कई लक्षण दिखाई देते हैं।

मानसिक तनाव -डिप्रेशन, चिंता और चिड़चिड़ापन विटामिन की कमी के कारण हो सकते हैं।

खराब स्किन -विटामिन बी6 त्वचा की चमक बनाए रखने में मदद करता है, इसकी कमी से स्किन प्रॉब्लम हो सकती है।

कमजोरी – इसकी कमी से शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस होती है।

होठ फटना -विटामिन की कमी से होंठ फटना और टैनिंग जैसी समस्या हो सकती है।

विटामिन बी6 की कमी से होने वाली बीमारियां

विटामिन बी6 की कमी कई बीमारियों का कारण बन सकती है, जैसे हीमोग्लोबिन की कमी और एनीमिया।
हीमोग्लोबिन की कमी – विटामिन बी6 की कमी से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, जिससे थकान और कमजोरी होती है।
डिप्रेशन – इसकी कमी से मानसिक स्थिति प्रभावित होती है और डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।

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