इटवा क्षेत्र के पकड़ी चौधरी में चल रही आठ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा के सातवें दिन बुधवार देर शाम श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। इसे देखकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इससे पूर्व अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास आचार्य शिव कुमार शास्त्री जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का श्रवण कराया। उन्होंने बताया कि इस कथा को सुनने से मनुष्य का जीवन धन्य होता है और सुख-समृद्धि की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन और महामंगल आरती भी संपन्न कराई गई। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की सुंदर झांकी के दौरान महिला-पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। ‘जय श्रीराम’ और ‘जय कृष्ण’ के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथावाचक ने संगीतमय प्रस्तुति के साथ भव्य झांकी पर आतिशबाजी भी की। विवाह के मंगल गीतों पर युवक, महिलाएं, बच्चे और अन्य श्रद्धालु पंडाल में जमकर थिरके, जिससे पंडाल हर्षोल्लास से सराबोर दिखा। इस आयोजन के मुख्य यजमान हुसेनी विश्वकर्मा और आरती देवी रहे। इस अवसर पर मंगरु, तुलसीराम विश्वकर्मा, दयाराम, सुभाष चंद्र, बिसम्भर मोर्या, रमाकांत शुक्ला, राज मणि, बृजभान, शिवकुमार, साध्वी, आशीष सहित कई अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे। आयोजक तुलसीराम विश्वकर्मा ने बताया कि 24 अप्रैल को कथा की पूर्णाहुति पर यज्ञ, हवन और पूजन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी शुभचिंतकों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
पकड़ी चौधरी में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी:आचार्य शिव कुमार शास्त्री ने बताए सुख-समृद्धि के सूत्र, भाव-विभोर हुए भक्त
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