डुमरियागंज में कृषि विज्ञान केंद्र सोहना द्वारा पंचायतीराज दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध और असंतुलित उपयोग के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया कि नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों के अत्यधिक और असंतुलित प्रयोग के कारण जनपद में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम तत्वों का अनुपात बिगड़ गया है। इस असंतुलन से मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो रहा है और समय के साथ फसलों की उर्वरकों के प्रति प्रतिक्रिया भी कम हो रही है। डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि इसके गंभीर पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी सामने आ रहे हैं, जिनमें भूजल का दूषित होना और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि शामिल है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि उर्वरकों ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन कई क्षेत्रों में इनका अंधाधुंध और अत्यधिक उपयोग मिट्टी के स्वास्थ्य, उत्पादन साधनों की उपयोग दक्षता, खेती के मुनाफे और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालकर दीर्घकालिक स्थिरता को कमजोर कर रहा है।इस जागरूकता कार्यक्रम में कात्यायनी, अशोक कुमार, दीक्षा, सुधा, रामदेव, अभिषेक, विश्वनाथ, पूजा और विकास सहित कई किसानों ने प्रतिभाग किया।
किसानों को रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग पर जागरूक अभियान:डुमरियागंज में पंचायतीराज कार्यक्रम के अंतिम दिन कृषि विज्ञान केंद्र का आयोजन
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