लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का गुरुवार को होने वाले एक दिवसीय विशेष सत्र को लेकर सत्ता दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्ष ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। भाजपा संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले नारी वंदन विधेयक पारित न होने पर विपक्ष को घेरेगा। वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) ने इससे निपटने को लेकर अपनी रणनीति बना ली है।
विशेष सत्र से एक दिन पहले बुधवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी विधायकों एवं पदाधिकारियों के साथ राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में एक अहम बैठक की। इस दौरान सपा ने विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपस्थिति में पार्टी की बैठक में सरकार के खिलाफ 16 सूत्रीय निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। पार्टी विधायकों ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल के आधार पर महिलाओं को आरक्षण देने का प्रस्ताव पास किया। साथ ही सपा ने संसद में पारित हो चुके महिला आरक्षण बिल के बाद भी आरक्षण लागू न करने पर भाजपा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
सपा की बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार में पास हो चुके महिला आरक्षण बिल को भाजपा लागू क्यों नहीं करती है। इसकी पीछे सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। भाजपा सरकार की नियत महिलाओं को आरक्षण देने की नहीं है।












