नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान बुद्ध के विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बुद्ध के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को शांति, करुणा और एकता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि बुद्ध पूर्णिमा का यह पावन अवसर हमें जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। एक अन्य संदेश में उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के आदर्शों को साकार करने के प्रति देश की प्रतिबद्धता मजबूत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बुद्ध के विचार समाज में आनंद और एकजुटता को और गहरा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में बुद्ध के मार्ग को तीन हिस्सों—थ्योरी, प्रैक्टिस और रियलाइजेशन में समझाया। उन्होंने कहा कि पहले ज्ञान प्राप्त करना, फिर उस पर अमल करना और अंत में उसे अनुभव करना ही बुद्ध का सच्चा मार्ग है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इन तीनों आयामों में लगातार आगे बढ़ रहा है और बुद्ध के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भारत की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां भगवान बुद्ध का जन्म हुआ और जहां से उनके विचार पूरी दुनिया में फैले। उन्होंने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और कर्तव्य बोध का दिन भी है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम अपने जीवन में सेवा, त्याग और करुणा को स्थान दें।अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे बुद्ध के मार्ग पर चलकर एक बेहतर और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दें।












