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अखिलेश ने यूपी बोर्ड के मेधावी छात्र-छात्राओं को लेपटॉप भेंट कर किया सम्मानित

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देकर सम्मानित किया। उन्होंने यूपी बोर्ड में 10वीं और 12वीं में अपने-अपने जिले में टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं को उनके अग्रिम उज्जवल भविष्य की बधाई दी।

अखिलेश यादव ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जब गाइड और टीचर अच्छा हो, तो स्टूडेंट अपने आप सही रास्ते पर रहेगा। आज जो बच्चे यहां आएं हैं, मैं उनको बधाई देना चाहता हूं कि उनकी मेहनत से, उनके परिश्रम से न केवल उनका सम्मान हो रहा है बल्कि उनके माता-पिता और परिवार का भी सम्मान बढ़ रहा है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि चीजें बदल रही है। किसी जमाने में केवल सड़कें होती थी और केवल लोग सड़क की मांग करते थे। लेकिन अब एक्सप्रेस वे बनने लगे हैं। बड़ी-बड़ी सड़कें बन रही हैं। इंटरनेट भी इन्फॉर्मेशन का हाईवे बन गया है और एआई के आने के बाद से हमें एक और गाइड और टीचर के ऊपर एक और टीचर मिल गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि कभी-कभी सुनने को मिलता है कि जो लैपटॉप सपा सरकार में दिए थे वो आज भी चल रहे हैं और उनके माध्यम से पढ़ाई करके ही आज वे विद्यार्थी रोजगार, नौकरी आदि से जुड़ सके तो अच्छा लगता है।

अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार झूठ बोलने और महंगाई बढ़ाने वाला जिम्मेदार बताया। उन्होंने महंगाई पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी झूठ की सोनपापड़ी है। एक झूठ की परत के ऊपर वो दूसरी झूठ की परत चढ़ा देते हैं। आम लोग जानते थे कि जैसे ही चुनाव खत्म होगा, उसके बाद महंगाई बढ़ जाएगी। डीजल, पेट्रोल और गैस के साथ महंगाई से केवल सिर्फ उन चीजों की महंगाई नहीं बढ़ती है बल्कि बड़े पैमाने पर हर चीज की महंगाई बढ़नी शुरु हो जाती है।

प्रदेश में बंद किए गए स्कूल और कम किए जा रहे शिक्षक

अखिलेश यादव ने प्रदेश में शिक्षा में कमी लाने का जिम्मेदार सरकार को बताया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपी के 41 हजार प्राइमरी स्कूलों में एक भी बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ। इससे ज्यादा स्कूल बंद हो गए। गोरखपुर की बात करें तो जिले में पहले कई हजार टीचर थे, अब हजारों कम हो गए। समझिए टीचरों को लेकर क्या स्थिति है।

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