नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर साल 2025 के ‘जेन जी’ आंदोलन में युवा प्रदर्शनकारियों पर हुई गोलीबारी और हिंसा में शामिल होने के आरोप हैं। शनिवार सुबह काठमांडू में पूर्व प्रधानमंत्री ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पुलिस ने हिरासत में लिया।
काठमांडू घाटी पुलिस के प्रवक्ता ओम अधिकारी ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे एक दिन पहले ही नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और उनकी कैबिनेट ने शपथ ली थी।
नेपाल में साल 2025 में हुए ‘जेन जी’ आंदोलन के बाद सरकार गिर गई थी। सरकार गिरने के बाद आम चुनाव कराए गए, जिसमें बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह, सबसे बड़े नेता के तौर पर उभरे। उनकी पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने चुनाव में भारी जीत हासिल की।
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नेपाल में आंदोलन क्यों शुरू हुआ था?
साल 2025 में नेपाल में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन शुरू हुए थे। सितंबर तक, युवा सड़कों पर आ गए थे। शुरुआत में सोशल मीडिया पर लगे छोटे प्रतिबंध को लेकर प्रदर्शन हुए, लेकिन जल्द ही आर्थिक मुश्किलों और दशकों के गुस्से की वजह से देशभर में हंगामा हो गया।
केपी शर्मा ओली गिरफ्तार क्यों हुए?
पहले दिन प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई में कम से कम 19 प्रदर्शनकारी मारे गए। दूसरे दिन आंदोलन और बढ़ गया। लोग संसद भवन तक पहुंचे, सरकारी दफ्तरों में आगजनी हुई। प्रदर्शनकारियों ने सिंहद्वार जला दी। नेपाल हिंसा में करीब युवा मारे गए। दूसरे दिन आंदोलन और भड़क गया, जिसमें संसद और सरकारी दफ्तरों में आगजनी हुई।
नेपाल हिंसा में 77 लोग, अलग-अलग घटनाओं में मारे गए। केपी ओली की सरकार गिर गई थी। नेपाल में प्रदर्शनकारी इस हद तक भड़के थे कि केपी ओली की भीड़ हत्या करने जा रही थी। कई पूर्व प्रधानमंत्रियों की शामत आई थी।
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कहां चूक गए केपी ओली?
घटना की जांच करने वाली एक सरकारी समिति ने इस हफ्ते सिफारिश की थी कि केपी ओली पर मुकदमा चलाया जाए। समिति ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई गोलीबारी को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। अब नई सरकार के गठन के ठीक अगले दिन ये गिरफ्तारियां हुई हैं।
अब आगे क्या?
पुलिस के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। केपी ओली पर संगीन आरोप हैं। उन्हें कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।










