श्रावस्ती के नासिरगंज कस्बे में जनाबे मुस्लिम इब्ने अकील अलैहिस्सलाम की शहादत की याद में एक मजलिस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर गम का इजहार किया। मजलिस को बिहार से आए मौलाना जुल्फेकार नक़वी ने खिताब किया। उन्होंने जनाबे मुस्लिम इब्ने अकील की कुर्बानी, वफादारी और बहादुरी पर विस्तार से प्रकाश डाला। मौलाना ने बताया कि जनाबे मुस्लिम, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के भरोसेमंद प्रतिनिधि थे, जिन्हें कूफा भेजा गया था। हालांकि, हालात बदलने के बाद उन्हें अकेला छोड़ दिया गया और उन्होंने इंसाफ व सच्चाई की राह में अपनी जान कुर्बान कर दी। मौलाना जुल्फिकार नकली ने जोर देकर कहा कि जनाबे मुस्लिम की शहादत आज भी लोगों को सब्र, ईमानदारी और हक की राह पर डटे रहने का संदेश देती है। मजलिस के समापन के बाद अंजुमन हुसैनिया द्वारा नोहाख्वानी और मातम किया गया। इस अवसर पर मौजूद अकीदतमंदों ने नम आंखों से जनाबे मुस्लिम इब्ने अकील को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे कार्यक्रम के दौरान गम और अकीदत का माहौल बना रहा।
नासिरगंज में जनाबे मुस्लिम इब्ने अकील की शहादत पर मजलिस:श्रावस्ती में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने गम का इजहार किया
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












