बांदा। बांदा में बुधवार शाम एक तेज रफ्तार ओवरलोड ट्राला सड़क पर मौत बनकर दौड़ा। पहले ट्राला ने साइकिल से घर लौट रहे सेवानिवृत्त शिक्षक को कुचल दिया, फिर भागने के दौरान सामने से आ रहे सवारियों से भरे ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि ई-रिक्शा उछलकर खंती में जा गिरा और उसके परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक बिसंडा थाना क्षेत्र के घूरी गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रामेश्वर प्रसाद (62) पेंशन संबंधी कार्य से बीआरसी बिसंडा गए थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे वह साइकिल से गांव लौट रहे थे। तभी गिरवां क्षेत्र के खुरहंड गांव से मौरंग लादकर जा रहे तेज रफ्तार ओवरलोड ट्राला ने नहर पुल के पास उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में शिक्षक ट्राला के नीचे आ गए और सिर पर पहिया चढ़ने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना को देखकर आसपास के लोग ट्राला का पीछा करने लगे। खुद को घिरता देख चालक ने ट्राला की रफ्तार और बढ़ा दी। करीब दो किलोमीटर आगे ओरन रोड स्थित नाथू तालाब के पास ट्राला ने सामने से आ रहे ई-रिक्शा को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा सड़क किनारे खंती में जा गिरा और पूरी तरह टूट गया।
हादसे में ई-रिक्शा सवार मुबीन (40), शहबाज (10), ममता (48) और चालक राकेश (50) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सोहनलाल, उनकी पत्नी बौरी, बेटी शिवकली, शबाना और उसकी तीन माह की मासूम बेटी साफिया गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को आनन-फानन में बिसंडा पीएचसी पहुंचाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए ग्रामीणों ने बिसंडा-बांदा मार्ग पर जाम लगाकर मुआवजे और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने लोगों को समझाकर करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने ट्राला चालक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।












