हिमाचल। प्रदेश में इस सप्ताह मौसम तेजी से बदलने वाला है, जिससे खासकर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। सप्ताह की शुरुआत सोमवार से आंधी, बारिश और बिजली गिरने जैसी गतिविधियों के साथ हुई है और पहले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज खराब बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
6 मई को भी कई इलाकों में मौसम खराब रहेगा और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसका असर विशेष रूप से मध्य और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलेगा। शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, हमीरपुर, ऊना और सोलन जिलों में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं हो सकती हैं, जिससे जनजीवन और यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। तेज हवाओं से पेड़ों, बिजली लाइनों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं ओलावृष्टि से फसलों और बागवानी को भी खतरा बना हुआ है।
हालांकि 7 से 9 मई के बीच मौसम में सुधार के संकेत हैं और इन दिनों अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और लोगों को कुछ राहत मिलेगी। लेकिन 10 मई को एक बार फिर मौसम बदल सकता है, जब प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। ताबो में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस और ऊना में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 7 डिग्री और अधिकतम तापमान 3 से 10 डिग्री तक बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले वाहन चालकों को फिसलन और कम दृश्यता के कारण विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। किसानों को भी अपनी फसलों और बागवानी को ओलावृष्टि से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर यह सप्ताह हिमाचल में मौसम के बदलते तेवरों का संकेत दे रहा है-शुरुआत तूफानी, बीच में राहत और अंत में फिर से बदलाव, ऐसे में सैलानियों को अपनी यात्रा योजनाएं सोच-समझकर बनानी चाहिए।












