नासिरगंज कस्बा स्थित नूरी जामा मस्जिद को जाने वाला प्रमुख मार्ग दो ग्राम पंचायतों के सीमा विवाद में उलझकर वर्षों से बदहाली का शिकार बना हुआ है। सड़क का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है, क्योंकि दोनों पंचायतें इसे अपने कार्यक्षेत्र से बाहर बताकर जिम्मेदारी से बचती रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मार्ग दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों की सरहद पर स्थित है, जिसके चलते बजट और निर्माण की जिम्मेदारी को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी कारण सड़क का विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़ा है। सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह से ईंटें उखड़ गई हैं और बारिश के दौरान यहां जलभराव व कीचड़ की स्थिति बन जाती है। ऐसे में पैदल चलना भी लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है। इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले नमाजियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें गंदे पानी और कीचड़ के बीच होकर नूरी जामा मस्जिद तक पहुंचना पड़ता है। वहीं, दोपहिया वाहन चालक इस जर्जर रास्ते पर आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों गुलाम हैदर, सैफ और कुरैशी सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है। वहीं, महादेवा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संतोष गुप्ता और चंदन कोटिया ग्राम प्रधान नरेंद्र वर्मा ने कहा कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
नूरी जामा मस्जिद की सड़क 19 वर्षों से जर्जर:दो गांवों के विवाद में आमजन परेशान, जगह-जगह से उखड़ रहीं ईंटें
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