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इन्दनापुर में जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों का अल्टीमेटम:सड़क नहीं बनी तो नेताओं की एंट्री बंद, मिट्टी डलवाने से हो सकता है समाधान


तेजवापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिराहीमडीहा के इन्दनापुर गांव में ग्रामीण वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हर बारिश में गलियां पानी से भर जाती हैं, जिससे लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वर्तमान में भी गांव के मुख्य मार्ग पर बारिश का पानी भरा हुआ है। छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों और महिलाओं सहित सभी ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग पानी में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। बारिश बढ़ने पर हालात और खराब हो जाते हैं। बीमारी फैलने का डर ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। छह अगस्त को आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने सहायक विकास अधिकारी के सामने यह मुद्दा उठाया था, लेकिन ग्राम प्रधान ने बजट की कमी का हवाला देकर समस्या टाल दी। मिट्टी डलवाने से हो सकता है समाधान ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़कों पर सही तरीके से मिट्टी डलवा दी जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। गांव में सफाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। रतन लोधी, पंकज शर्मा और मयंकर सहित कई ग्रामीणों ने प्रधान और ब्लॉक अधिकारियों को बार-बार समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं और बच्चों पर असर बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि महिलाएं और बच्चे घर से बाहर निकलने से डरने लगे हैं। गांव की लगभग सभी गलियां कीचड़ से भरी हुई हैं। दीपक शर्मा, लल्लू, प्रिंस पंडित, दिलीप, पंकज और चन्नू समेत अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बरसात तक रास्तों की स्थिति नहीं सुधरी, तो किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

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