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वैल्यू 148 कम्युनिकेशंस की स्टॉक मार्केट में कमजोर लिस्टिंग, घाटे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली। मार्केटिंग और पीआर सॉल्यूशन कंपनी वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया।

आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 98 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 20 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 78.40 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 82.30 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। अपर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशक फिलहाल 16.02 प्रतिशत के नुकसान में थे।

वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस का 41.69 करोड़ रुपये का आईपीओ चार से छह मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 17 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.24 गुना सब्सक्रिप्शन आया था।

इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.77 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 37 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं।

इसके अलावा 4,24,800 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है।

वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.21 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.12 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 5.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 7.62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 51.34 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 50.80 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 54.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 55.08 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 10.49 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 14.32 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 10.68 करोड़ रुपये हो गया।

पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि के बाद कंपनी पर 16.67 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई।

वित्त वर्ष 2022-23 में ये 7.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 11.35 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 13.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक ये 23.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 5.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 8.62 करोड़ रुपये हो गया।

इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 11.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक ये 14.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

 

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