डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बे में शिया समुदाय के आठवें इमाम अली रजा अलैहिस्सलाम का शहादत दिवस सोमवार देर रात तक मनाया गया। इस अवसर पर अकीदतमंदों ने अलम और ताबूत का जुलूस निकाला और नौहा मातम किया। इमामबाड़ा वक्फ शाह आलमगीर सानी (बड़े इमामबाड़ा) में मर्सिया मजलिस भी आयोजित की गई। इमाम अली रजा के शहादत दिवस को लेकर हल्लौर कस्बे में मर्सिया मजलिस और नौहा-मातम का सिलसिला रविवार देर शाम से ही शुरू हो गया था। सोमवार दोपहर में जामा मस्जिद और बड़े इमामबाड़ा पर विशेष मर्सिया और मजलिसें आयोजित की गईं। इन मजलिसों को अंबर मेहंदी, हैदरे कर्रार और उनके सहयोगियों ने पढ़ा। जाकिर जमाल हैदर ने मजलिस को संबोधित करते हुए इमाम अली रजा की शहादत पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद अलम और ताबूत का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस दरगाह हजरत अब्बास और जन्नतुल बकी होते हुए कस्बे के कर्बला स्थित इमाम अली रजा के रौजे पर पहुंचा। नौहा मातम के बीच यहीं जुलूस का समापन हुआ। इस दौरान नफीस हल्लौरी, सावन, हैदर, हानी, कामयाब बबलू, कायनात और हैदर सहित कई लोगों ने नौहे पढ़े। अकीदतमंदों ने मातम कर इमाम अली रजा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पूरा हल्लौर कस्बा इस दौरान शोक और भक्ति में डूबा रहा।
हल्लौर में इमाम अली रजा का शहादत दिवस:अलम-ताबूत का जुलूस निकला, मजलिसें आयोजित हुईं
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












