लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा के लंबे कार्यकाल को लेकर मामला फिर गरमा गया है।
शासन के तय अवधि से अधिक समय से लखनऊ में कार्यरत होने के बावजूद अब तक उनका स्थानान्तरण नहीं किया गया। इससे शासकीय नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
इस मामले में बहराइच से भाजपा सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर वार्षिक स्थानांतरण नीति 2026-27 का हवाला देते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर निष्पक्ष प्रशासनिक अधिकारी की तैनाती की मांग की है।
सांसद ने पत्र में कहा कि डॉ. मिश्रा जुलाई 2011 से लखनऊ में तैनात हैं और यह शासन की स्थानांतरण नीति के विपरीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से शासन की छवि प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। सांसद ने शासनादेशों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है।











