मेरठ । हापुड़ में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने मेरठ और बुलंदशहर के तीन परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। तेज रफ्तार कार के भीषण हादसे में भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े नेता विशांत त्यागी समेत उनके तीन दोस्तों की जिंदगी खत्म हो गई, जबकि एक साथी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
हादसे के बाद सबसे दर्दनाक मंजर उस समय देखने को मिला, जब अंतिम यात्रा की तैयारी के दौरान विशांत त्यागी की चार साल की बेटी रोहताक्षी अपने पिता के शव को देखकर बिलख पड़ी। वह मासूमियत से बार-बार पूछती रही — “पापा उठो ना… आप कहां जा रहे हो…”। बच्ची की आवाज सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
मेरठ के जागृति विहार स्थित उत्तराखंड कॉलोनी में रहने वाले विशांत त्यागी भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष थे। राजनीति के साथ-साथ वह एक बैंक में भी नौकरी करते थे। परिवार में पत्नी साक्षी, चार साल की बेटी, माता-पिता और भाई-बहन हैं। हादसे की खबर मिलते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बताया गया कि विशांत अपने दोस्तों मिथुन चौहान, लवी चौहान और ललित चौहान के साथ बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात चारों दोस्त कार से मेरठ लौट रहे थे।
इसी दौरान हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में गांव डेहरा रामपुर के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार कार कई बार पलटी और फिर सड़क किनारे रखी ईंटों के ढेर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चारों युवक उसमें फंस गए।
धमाके जैसी आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े और पुलिस को सूचना दी। काफी देर की मशक्कत के बाद युवकों को कार से बाहर निकाला गया। हादसे में विशांत त्यागी और मिथुन चौहान की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल लवी चौहान और ललित चौहान को अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान लवी ने भी दम तोड़ दिया। ललित की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।
विशांत त्यागी का शव जब मेरठ स्थित घर पहुंचा तो पूरे इलाके में मातम पसर गया। पत्नी साक्षी पति का शव देखकर बेसुध हो गईं। परिजनों और रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला।स्थानीय लोगों के अनुसार चारों दोस्तों की दोस्ती इलाके में मिसाल मानी जाती थी। वे हर खुशी और मुश्किल में साथ रहते थे। लेकिन एक दर्दनाक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी की कहानी को हमेशा के लिए बदल दिया।











