श्रावस्ती जनपद के इकौना विकास खंड क्षेत्र के कटरा कस्बा स्थित श्रीराम जानकी मंदिर बड़की कुट्टी में शनिवार को वट सावित्री पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना की। वट सावित्री पूजा को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा गया। सुबह से ही बरगद के पेड़ के नीचे महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने पूजा विधान और व्रत कथा का श्रवण करते हुए वट वृक्ष के सात फेरे लगाए और पति की लंबी उम्र की कामना की। हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वट वृक्ष में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। महिलाओं ने पेड़ की जड़ में जल अर्पित कर रोली, मौली, फूल और फल चढ़ाए। इसके बाद कच्चा सूत और कलावा बांधकर वट वृक्ष की परिक्रमा की तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पंडित श्याम जी शुक्ला ने बताया कि हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत कथा का विशेष महत्व है। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखकर बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। विधिवत पूजा करने के साथ बरगद की परिक्रमा करके कच्चा सूत या धागा बांधा जाता है। इसके बाद सत्यवान और सावित्री की व्रत कथा पढ़ने या सुनने के बाद व्रत खोला जाता है, जिससे वैवाहिक जीवन सुखमय होता है और पुण्य मिलता है।
वट सावित्री व्रत पर सुहागिनों ने की पूजा:श्रावस्ती में पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना
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