इकौना विकासखंड स्थित कंजड़वा गांव में श्री प्रभुनाथ बाल विद्या मंदिर को जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति के कारण विद्यालय आने-जाने वाले मासूम छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय किसानों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और स्कूल प्रशासन ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। यह जर्जर मार्ग स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए आवागमन का मुख्य रास्ता है। गड्ढों और पत्थरों से भरी इस सड़क के कारण आए दिन बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सबसे बदतर स्थिति बरसात के मौसम में होती है, जब पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। छात्रों को घुटने भर कीचड़ और जलभराव के बीच से जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। शिक्षक दूर खड़ी करते हैं गाड़ी, किसानों की भी थमी रफ्तार सड़क की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में विद्यालय के शिक्षकों को अपनी बाइक या स्कूटी काफी दूर खड़ी करके पैदल ही स्कूल पहुंचना पड़ता है। वहीं, स्थानीय किसानों के लिए भी यह मार्ग जी का जंजाल बन गया है। किसानों को खेती-किसानी के कामों, विशेषकर धान की नर्सरी की बुवाई के समय खाद-बीज और कृषि यंत्रों (ट्रैक्टर-ट्रॉली) को खेतों तक लाने-ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे गांव की मुख्य लाइफलाइन है यह रास्ता यह मार्ग केवल स्कूल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कंजड़वा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों के लिए भी ब्लॉक और मुख्य बाजार से जुड़ने का इकलौता जरिया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे रात के अंधेरे में किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं। आपातकाल की स्थिति में एंबुलेंस या अन्य वाहनों का गांव में आना भी दूभर हो जाता है। ग्रामीणों और समाजसेवियों ने उठाई पक्की सड़क की मांग खस्ताहाल सड़क से नाराज विद्यालय के प्रबंधक सुरेश कुमार मिश्रा, स्थानीय नागरिक महेश कुमार गौतम, मंगल, रामबरन और श्यामबरन सहित तमाम समाजसेवियों और किसानों ने जिला प्रशासन से इस मार्ग को जल्द से जल्द पक्का (डामरीकरण) कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मानसून से पहले इस सड़क को नहीं सुधारा गया, तो बच्चों की पढ़ाई और किसानों की खेती पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।
कंजड़वा में जर्जर मार्ग बना बड़ी मुसीबत:स्कूल आने-जाने वाले बच्चे और किसान परेशान, पक्की सड़क की मांग
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