डुमरियागंज तहसील अंतर्गत बगहवा गांव में एक तालाब को पंपसेट लगाकर सुखाए जाने का मामला सामने आया है। भीषण गर्मी के बावजूद तालाब से पानी निकाले जाने को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्य सचिव और तालाब का पट्टा लेने वाले लोगों की मिलीभगत से हो रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का उल्लंघन हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शासन ने गर्मी के मौसम में पोखरों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी संरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य जीव-जंतुओं, पशु-पक्षियों और स्थानीय निवासियों को राहत प्रदान करना है। इसके बावजूद, गांव के तालाब को ट्रैक्टर और पंपसेट का उपयोग करके लगातार सुखाया जा रहा है। सुरेश, मुकेश, हबीब, उमर ने इस कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन आरोप है कि संबंधित पक्षों ने उनकी बात नहीं मानी। ग्रामीणों के अनुसार, तालाब से पानी निकालने का काम जारी है, जिससे यह जल स्रोत सूखने की कगार पर है। उनका कहना है कि यह तालाब गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए एकमात्र सहारा था, जो अब खत्म किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले की सूचना डायल 112 के साथ-साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दी। शिकायत मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद कुछ समय के लिए पंपसेट बंद कर दिया गया था। हालांकि, पुलिस के वापस जाते ही तालाब से पानी निकालने का काम फिर से शुरू हो गया। इसके बाद, ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने तत्काल पंपसेट बंद कराने और तालाब को बचाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो गांव में जल संकट और गंभीर हो सकता है। प्रशासन ने इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सिद्धार्थनगर में पंपसेट से सुखाया जा रहा तालाब:ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से की तत्काल कार्रवाई की मांग की
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












