नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक आर्थिक सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका नियमित संवाद के जरिए अपने द्विपक्षीय संबंधों को निरंतर मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह उनकी पहली रूबियो के रूप में विदेश मंत्री यात्रा है, लेकिन दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है जिसमें वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंच शामिल हैं। जयशंकर ने बताया कि पश्चिम एशिया, इंडो-पैसिफिक, भारतीय उपमहाद्वीप और कैरेबियाई क्षेत्र सहित कई वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों ने विचार साझा किए और यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि भारत का पांच सूत्रीय दृष्टिकोण संघर्षों के समाधान में संवाद, अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन, निर्बाध समुद्री व्यापार, संसाधनों के हथियारीकरण का विरोध और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखलाओं पर आधारित है।दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। आर्थिक सहयोग के तहत अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने और व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी।आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति दोहराई और अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मुलाकात और आगामी उच्चस्तरीय दौरों का भी उल्लेख किया गया, जिससे द्विपक्षीय रणनीतिक तालमेल और मजबूत होने की उम्मीद जताई गई।विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिल रही है, खासकर क्वाड ढांचे के तहत समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा व्यापार में विविधता, परमाणु ऊर्जा सहयोग और आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित बनाने की दिशा में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और महत्वपूर्ण खनिजों पर साझेदारी को भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक बताते हुए दोनों पक्षों ने नवाचार और निवेश बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी सहयोग, मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर साझा रणनीति को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति किसी भी प्रकार के आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की है और दोनों देश इस दिशा में खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर निरंतर समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 26/11 हमलों के साजिशकतार्ओं के खिलाफ कार्रवाई और प्रत्यर्पण प्रक्रिया सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों पक्षों ने अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान जारी रखने पर भी सहमति जताई है।
भारत-अमेरिका वार्ता में रणनीतिक साझेदारी को नई धार, वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
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