- 2022 में तत्कालीन नगर आयुक्त ने जारी किया था सार्वजनिक नोटिस
- पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना का दिया था हवाला
- कई बार की तरह फिर नहीं उठा लखनऊ के एफएसडीए अफसरों का फोन
लखनऊ। बुधवार लखनऊ को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के लिए नगर विकास मंत्री और महापौर ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। वहीं इस बैठक के दौरान आई तस्वीरों ने स्वच्छता को लेकर कई सवाल खड़ा कर दिए हैं। मंत्री और मेयर की मौजूदगी में हो रही बैठक में सभी के टेबल पर 200 ml की प्रतिबंधित बोतल रखी नजर आई। बीते नवंबर 2022 में तत्कालीन नगर आयुक्त ने इसके प्रतिबंध की सार्वजनिक सूचना भी जारी की थी। जिसमें उन्होंने भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय की अधिसूचना का हवाला दिया था।
दरअसल,नगर आयुक्त की ओर से तीन नवंबर 2022 को प्रकाशित की गई सार्वजनिक नोटिस में पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय भारत सरकार की ओर से 12 अगस्त 2021 को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा गया है कि निकाय में पंजीकृत बैंक्वेट हॉल, टेंट हाउस, शादीघर, टेंट हाउस और खान-पान सेवा प्रदाता सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं कर सकते। तत्कालीन नगर आयुक्त के मुताबिक़ 200 एमएल वाली पानी की बोतलें शादी समारोहों व अन्य कार्यक्रमों में इस्तेमाल नहीं की जा सकेगा। हालांकि, इसकी खरीद-बिक्री रोकने को लेकर नगर निगम ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया था।
उन्होंने कहा था कि स्वच्छ भारत मिशन की दिशा निर्देशिका-2023 में तय किए गए तीन-आर यानी रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल के मानकों का पालन करना होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक का कतई इस्तेमाल न हो, इसे उन्हें सुनिश्चित करना होगा। कूड़े का निस्तारण भी आयोजन स्थल पर ही करना होगा। शहर में करीब 500 से अधिक बैंक्वेट हॉल-शादीघर हैं। वहीं नियम के मुताबिक़ इसका प्रयोग करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं कानूनी कार्रवाई के तहत तीन महीने की सजा हो सकती है। वहीं बुधवार लखनऊ को देश का पहला स्वच्छ शहर बनाके के लिए हुई अहम् बैठक में यह पानी की बोतल मेयर और मंत्री सहित अधिकारियों की टेबल पर रखी नजर आई।
बैठक के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि लखनऊ ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अब लक्ष्य देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना होना चाहिए। इसके लिए यह समीक्षा आवश्यक है कि किन प्रयासों से शहर शीर्ष तीन में पहुंचा और किन कमियों को दूर कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश करते हुए कहा कि शहर में कहीं भी कूड़े के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए। सीवेज से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा अस्पतालों, होटलों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
साथ ही स्कूलों में कायाकल्प कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने एवं शिकायत निस्तारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। वहीं जनहित और वातावरण संरक्षण से जुड़े इस अहम प्रकरण पर जब तरूणमित्र टीम ने लखनऊ एफएसडीए टीम के मंडल व जनपदीय अफसरों के मोबाइल नंबरों पर काल किया तो कई बार की तरह फिर उनका फोन नहीं उठा, जिससे यह प्रतीत होता कि ये संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपरोक्त मुद्दे को लेकर कितने गंभीर रहते हैं।
| ‘यह बात 2022 की है। मैं निर्वाचित होकर 2023 में आई हूं। ऐसी कोई अधिसूचना है मेरे पटल पर नहीं है। यदि इसकी जानकारी होती है,तो मैं इसकी समीक्षा करती हूं। – सुषमा खर्कवाल, महापौर,नगर निगम लखनऊ |












