सिद्धार्थनगर के कृषि विज्ञान केंद्र सोहना में जमीनी स्तर पर कार्यरत कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कालानमक बीज उत्पादन तकनीक पर केंद्रित था, जिसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाना है। प्रशिक्षण के पहले दिन केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि कालानमक चावल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक है। उन्होंने कहा कि जिले में बीस हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में इसकी खेती होती है, जिसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। कालानमक धान की खेती से किसान अधिक लाभ कमाकर अपना जीवन स्तर सुधार सकते हैं। इंजीनियर अशोक कुमार पाण्डेय ने रासायनिक उर्वरकों के कम से कम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यदि कालानमक धान का उत्पादन जैविक तरीके से किया जाए, तो चावल की गुणवत्ता बेहतर होती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने कालानमक बीज उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि बीज उत्पादन के लिए ऐसे स्थान का चयन करें जहाँ जल भराव की समस्या न हो और खेत उपजाऊ हो। बीज के लिए किसी मान्यता प्राप्त स्रोत से ही बीज प्राप्त करें। धान की अन्य प्रजातियों से तीन मीटर की पृथक्करण दूरी बनाए रखें और समय-समय पर भिन्न लक्षण वाले पौधों को खेत से निकालते रहें, जिसे ‘रोगिंग’ कहते हैं। डॉ. प्रवेश कुमार देहाती ने बीज उत्पादन फसल में पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने, हरी खाद का प्रयोग करने, फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करने और जैविक खादों के उपयोग की सलाह दी। वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया कि बीज फसल की कटाई तभी करें जब वह पूर्ण रूप से पक जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बीज प्रसंस्करण के दौरान दूसरी प्रजातियों के बीजों का मिश्रण न हो। डॉ. सुनील सिंह ने बीज उत्पादन के बाद गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उचित भंडारण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भंडारण में प्रयोग होने वाले पात्र नए होने चाहिए, गोदाम अच्छी तरह साफ होना चाहिए और उसमें नमी का प्रकोप नहीं होना चाहिए। इससे बीजों की गुणवत्ता बनी रहती है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्रीमती नीलम सिंह, किरण कुमार, शिवेंद्र पाण्डेय, असलम अंसारी, विष्णु प्रताप सिंह, आदेश श्रीवास्तव और राजकुमार सहित कई कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
सिद्धार्थनगर में कृषि कार्यकर्ताओं को कालानमक बीज उत्पादन का प्रशिक्षण:सोहना कृषि विज्ञान केंद्र पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित
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