रिपोर्ट:विनय कुमार गुप्त।
महराजगंज।नेपाल सीमा से सटे इलाकों में डीजल की बड़े पैमाने पर हो रही कालाबाजारी और तस्करी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी के कड़े रुख और दिशा-निर्देशों के बाद अब सीमावर्ती क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर नियमों को कड़ा कर दिया गया है। इसी क्रम में बरगदवा बाजार स्थित ‘R K फिलिंग स्टेशन’ पर स्थानीय किसानों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष व्यवस्था शुरू की गई है। अब यहां किसानों को उनकी पहचान और कृषि भूमि के सत्यापन (आधार कार्ड और खतौनी) के आधार पर ही डीजल का वितरण किया जा रहा है, जिससे वास्तविक किसानों को बेहद आसानी से और बिना किसी किल्लत के डीजल उपलब्ध हो रहा है। भौगोलिक दृष्टि से नेपाल सीमा के बेहद नजदीक होने के कारण इस क्षेत्र में लंबे समय से डीजल की अवैध जमाखोरी और सीमा पार कालाबाजारी की शिकायतें आ रही थीं। पूर्व में कई मौकों पर उच्चाधिकारियों द्वारा छापेमारी कर इस काले कारोबार का भंडाफोड़ भी किया जा चुका है, जिसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। इसी तस्करी रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने यह सख्त
कदम उठाया है। इस नई व्यवस्था से जहां एक तरफ डीजल की कालाबाजारी पर पूरी तरह से लगाम लग गई है, वहीं दूसरी तरफ असली किसानों को अपनी खेती-किसानी के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। पंप पर पहचान पत्र और भूमि अभिलेखों के सत्यापन के बाद तय मात्रा में पारदर्शी तरीके से डीजल मिलने से स्थानीय किसानों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है।












