सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा क्षेत्र में खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग के निर्माण को लेकर किसानों में नाराजगी है। बनकटा गांव के पास रेलवे विभाग ने रिठिया नहर शाखा को पाटकर रेल मार्ग बनाया है, जिससे नहर में पानी का प्रवाह रुक गया है। इसके कारण आसपास के गांवों में सिंचाई का संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस समय धान की नर्सरी डालने का काम चल रहा है और किसान सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर हैं। डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण वे निजी सिंचाई कराने में भी असमर्थ हैं। नहर बंद होने से धान की खेती बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। आरोप है कि रेलवे विभाग ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के नहर में मिट्टी डालकर रास्ता बना दिया। एक सप्ताह पहले सिंचाई विभाग ने नहर में पानी छोड़ा था, लेकिन बनकटा गांव के पास अवरोध के कारण पानी आगे नहीं बढ़ सका। लगभग सात किलोमीटर लंबी इस नहर में पानी केवल दो किलोमीटर तक ही पहुंच पाया है। इससे महुआ, बंकेनिहा, भलुआ, खेसरहा और बस्सा सहित कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण वीरेंद्र पांडेय और श्याम सुंदर पांडेय ने बताया कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो धान की खेती पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रेलवे विभाग को पहले पुल का निर्माण कराना चाहिए था, ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई सर्वेश चौरसिया ने बताया कि मामले की जानकारी रेलवे विभाग के ठेकेदार को दे दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही नहर से मिट्टी हटाकर पानी का प्रवाह दोबारा शुरू कराया जाएगा।
नहर पाटकर रेल मार्ग निर्माण से किसानों में आक्रोश:खेसरहा में सिंचाई संकट गहराया, धान की खेती प्रभावित होने की आशंका
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