Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)निर्माणाधीन मछली मंडी का शटरिंग गिरा, एक मजदूर की मौत:सिद्धार्थनगर में पूर्व...

निर्माणाधीन मछली मंडी का शटरिंग गिरा, एक मजदूर की मौत:सिद्धार्थनगर में पूर्व विधायक बोले- सीमेंट की जगह केवल बालू से जुड़ाई हो रहा था


सिद्धार्थनगर में निर्माणाधीन मछली मंडी का शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। बुधवार दोपहर मुख्य गेट का निर्माण कार्य चल रहा था, तभी अचानक शटरिंग भरभराकर गिर गई। इस दौरान सभी मिट्टी के नीचे दब गए। जिसके बाद राहगीरों ने तुरंत 5 लोगों को निकालकर सीएचसी भेज दिया। एक मजदूर का काफी देर तक पता नहीं चला। जिसके बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटवाया। घंटों चले रेस्क्यू अभियान के दौरान मुश्ताक का शव मलबे के अंदर से बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मामला ढेबरूवा थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला तुलसीयापुर गांव में मछली मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार दोपहर निर्माण के दौरान शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में कुल छह मजदूर मलबे में दब गए थे। देखें, 3 तस्वीरें…

मछली मंडी का शटरिंग गिरने से 6 लोग दबे इसकी चपेट में बुधई (45 वर्ष), रविंद्र (20 वर्ष), आलम (38 वर्ष), रामदयाल (38 वर्ष), रुपेश और मुश्ताक (25 वर्ष) सहित छह मजदूर आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबे पांच मजदूरों को बाहर निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने बुधई और रविंद्र की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अन्य घायलों का उपचार किया गया। हादसे के बाद मजदूर मुश्ताक का कोई पता नहीं चल रहा था। काफी देर तक खोजबीन के बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटवाया। घंटों चले रेस्क्यू अभियान के दौरान मुश्ताक का शव मलबे के अंदर से बरामद हुआ। शव मिलते ही परिजनों में शोक छा गया।
मछली मंडी परियोजना के तहत निर्माण हो था निर्माण घटना की सूचना मिलते ही ढेबरूवा पुलिस मौके पर पहुंची। शोहरतगढ़ तहसील के तहसीलदार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि तुलसीयापुर में मछली मंडी परियोजना के तहत 16 दुकानों का निर्माण, सड़क निर्माण, नाला निर्माण, मिट्टी भराई तथा इंटरलॉकिंग कार्य कराया जा रहा है। तुलसीयापुर में करीब 5 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से मछली मंडी का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्य गेट के निर्माण के दौरान हुए इस हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी होती, तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। विधायक विनय वर्मा ने जांच की मांग की शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने मधवापुर स्थित निर्माणाधीन मछली मंडी में हुए हादसे को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर घटना की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा मृतक और घायलों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। विधायक ने कहा कि करीब 5.56 करोड़ रुपये की लागत से बन रही मछली मंडी के गेट का ढह जाना निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता संबंधी खामियों की ओर संकेत करता है। उन्होंने निर्माण एजेंसी, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने तथा घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता नहीं बरती गई तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं। पूर्व विधायक बोले- बालू से जुड़ाई हो रहा था कांग्रेस के पूर्व विधायक रविन्द्र प्रताप उर्फ पप्पू चौधरी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्माण कार्य में सीमेंट की जगह केवल बालू से जुड़ाई का काम किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार से अधिक भ्रष्ट कोई दूसरी सरकार नहीं रही है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने हादसे की जानकारी मिलते ही मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतक के परिजनों तथा घायलों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण कार्य करा रही कार्यदायी संस्था के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश भी संबंधित अधिकारियों को दिया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments