#बस्ती_न्यूज
बस्ती जिले के नगहरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन माहौल पूरी तरह कृष्णमय हो गया। यजमान घनश्याम तिवारी द्वारा आयोजित ’56 भोग’ के भव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र में भक्ति की रसधार बहा दी। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने और महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए आसपास के दर्जनों गाँवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। व्यास पीठ से कथा व्यास पं. राजकुमार पांडेय ने 56 भोग के पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया: भगवान श्री कृष्ण सामान्य दिनों में दिन में आठ बार भोजन (अष्टयाम) करते थे। जब उन्होंने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए सात दिनों तक लगातार गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर उठाए रखा, तब उन्होंने अन्न-जल का त्याग कर दिया था। सात दिन और आठ पहर के हिसाब से कुल 56 पहर बनते हैं। गोवर्धन लीला के बाद जब कन्हैया की भूख शांत करने के लिए ब्रजवासियों ने मां यशोदा के साथ मिलकर 56 प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन अर्पित किए, तभी से यह पावन परंपरा चली आ रही है।” सुखी और सदाचारी जीवन के लिए धर्म का मार्ग जरूरी पं. राजकुमार पांडेय ने वर्तमान जीवनशैली पर चोट करते हुए कहा कि आज के दौर में अगर मानव जीवन को सुख, शांति और सदाचार के मार्ग पर ले जाना है, तो धर्म का अनुसरण अनिवार्य है। उन्होंने व्यास पीठ से सामाजिक समरसता, माता-पिता की सेवा और दीन-दुखियों की मदद करने का आह्वान किया। इस दौरान पूरा पंडाल ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गुंजायमान रहा। तैयारियां मुकम्मल: कल सजेगा विशाल भंडारा, उमड़ेगी हजारों की भीड़ श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए कथा परिसर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है। धूप और गर्मी से बचाव के साथ-साथ पेयजल और प्रसाद वितरण की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति के अध्यक्ष राहुल तिवारी ने बताया कि कथा के विश्राम (समापन) के अगले दिन एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की संभावना है।
#बस्ती न्यूज़ टुडे
नगहरा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब:56 भोग के महाप्रसाद से महका नगहरा, गोवर्धन लीला के रहस्य को सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












