तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को दावा किया कि पार्टी के करीब 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। दिनभर चली गहमागहमी के बीच घोष ने कहा आने वाले समय में उनके साथ में सभी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखेंगे।
काकोली घोष ने कहा, ‘हम 20 सांसद हैं जिन्होंने स्पीकर से अलग बैठने की जगह के लिए आग्रह किया है। हम पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। हम पिछले कुछ सालों में पश्चिम बंगाल राज्य में फैली अराजकता, कुशासन और बेरोजगारी के खिलाफ हैं।’
‘ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं’
काकोली ने कहा, ‘हमने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पत्र दे दिया है। जब उनके पास समय होगा तो वे खुद हमें फोन करेंगे। मैंने कहा कि हम, लोकसभा के सभी बीस सांसद, ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। मैंने यह भी बताया कि देश भर में केंद्र सरकार की कई स्कीम लागू की गई हैं, लेकिन बंगाल में वे लागू नहीं हुई हैं। हमें उन स्कीम को उन वोटर्स तक पहुंचाना है जिन्होंने हमें चुना है।’
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‘कोई डर नहीं है’
उन्होंने आगे कहा, ‘कोई डर नहीं है। आप खुद देख सकते हैं, मैं यहां अकेली बैठी हूं। डर कहां है? हम सभी 20 सांसदों ने बैठकर पत्र पर साइन किए हैं।’ टीएमसी से बागावत करने वाली सांसद काकोली ने कहा, ‘मेरा सर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं। मैंने बहुत सह लिया। मैं 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यहां नहीं आई, मैं यहां 40 साल से लड़ रही हूं और जैसा कि मैंने कहा, ऐसे लोगों की बातों का मुझ पर बिल्कुल भी असर नहीं होता।’
बाद में पता चलेगा कि क्या होगा
उन्होंने आगे कहा, ‘बाद में पता चलेगा कि क्या होता है। अभी के लिए, क्या यह काफी नहीं है कि हम बंगाल के लिए, देश के लिए और भारत को सुरक्षित रखने के लिए काम करना चाहते हैं? यह एक अहम मुद्दा है। देश का मुद्दा हमारे लिए सबसे जरूरी है।’
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ममता बनर्जी के लिए क्या बोलीं ?
जब उनसे पूछा गया कि क्या ममता बनर्जी ने संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा, ‘उस तरफ से किसी ने संपर्क करने की कोशिश नहीं की। जब मैं जिला चेयरपर्सन थी और चुनाव के नतीजे खराब आए, तो मैंने पर्सनल जिम्मेदारी ली, यह सोचकर कि शायद मैंने अपना रोल ठीक से नहीं निभाया और पद छोड़ दिया। उसके बाद भी, कोई मुझसे नहीं मिला या कॉल भी नहीं किया। मुझे बस नजरअंदाज कर दिया गया। ऐसा लगा जैसे उन्होंने किसी को भौंकने के लिए छोड़ दिया हो। मैं 40 साल से ममता बनर्जी के साथ हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा दिन देखूंगी जब वह किसी को मुझे गाली देने के लिए कहेंगी।’












