सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील स्थित मंगल भवन में बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर एक मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। यह अभ्यास राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण उत्तर प्रदेश और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिद्धार्थनगर के दिशानिर्देशन में राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, आपदा मित्रों और आपदा सखियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र और तहसीलदार रवि कुमार यादव ने किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ के समय उबले हुए क्लोरीन युक्त पानी का ही उपयोग करें। विषैले जीवों जैसे सांप और बिच्छू से सतर्क रहें और सांप काटने पर पीड़ित व्यक्ति को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। बाढ़ के बाद प्रभावित घरों और क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव अवश्य करें। संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए मृत पशुओं और मलबे को एकत्र कर जमीन के नीचे दबा दें। मलेरिया से बचाव हेतु मच्छरदानी का प्रयोग करें। पानी की गहराई का पता न होने पर उसे पार करने की कोशिश न करें और नाव में क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाएं। साथ ही, बाढ़ में क्षतिग्रस्त घरों या संरचनाओं में प्रवेश करने से बचें। इस अवसर पर फार्मासिस्ट अवधेश कुमार ने पीड़ितों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देने के तरीके पर विस्तृत जानकारी दी। आपदा मित्र सुनील कुमार ने लाइफबॉय और लाइफ जैकेट का उपयोग करके बाढ़ से बचने के तरीकों का प्रदर्शन किया। मॉक एक्सरसाइज में डॉ. शफीक अहमद, दिलीप कुमार, गीता चौधरी, अनामिका आनंद मिश्रा, शिव कुमार दुबे और रमाकांत सहित मेडिकल स्टाफ उपस्थित रहा। आपदा मित्रों में सुनील कुमार, अनुराग, सरिता, रीता, चंदन पांडे, विनीता, सुषमा, अनुपा देवी, अंशु, पूनम, शांति, सुमन, रीना, प्रिया, अंजू, शोभा पांडे और पूनम गुप्ता आदि शामिल थे।
डुमरियागंज में बाढ़ बचाव पर मॉक ड्रिल:राजस्व, स्वास्थ्य विभाग और आपदा मित्रों ने किया अभ्यास
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