टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) ने 4 अप्रैल को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विशाल धरना-प्रदर्शन की रणनीति तय करने के लिए एक जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। यह प्रदर्शन टीईटी से मुक्ति की मांग को लेकर किया जाएगा। बैठक बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित एक होटल में हुई, जिसमें विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारी और शिक्षक शामिल हुए। बैठक में आगामी धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने शिक्षकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया और सभी से 4 अप्रैल को दिल्ली पहुंचकर एकजुटता प्रदर्शित करने का आह्वान किया। पर्यवेक्षक एवं मंडलीय मंत्री (देवी पाटन मंडल) आनंद कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुटता और सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने टीईटी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यताएं पूरी की थीं, ऐसे में बाद में नई योग्यताएं लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षकों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने आंदोलन की सफलता के लिए शिक्षकों की एकजुटता और बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की आवश्यकता पर बल दिया। जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र और महामंत्री कलीमुल्लाह ने भी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। इस दौरान संगठन विस्तार के तहत राघवेंद्र तिवारी को उस्का बाजार इकाई का संगठन मंत्री और दुर्गेश पांडेय को मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया।
टीएफआई की बैठक, दिल्ली आंदोलन की रणनीति बनी:4 अप्रैल को रामलीला मैदान में टीईटी से मुक्ति की मांग
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