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खेसरहा में स्वच्छ भारत मिशन को झटका:बेलहरा में लाखों का सामुदायिक शौचालय बंद, 12 महीने से मानदेय न मिलने पर केयरटेकर परेशान


खेसरहा की ग्राम पंचायत बेलहरा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय लंबे समय से ताले में बंद है। सरकार द्वारा ग्रामीणों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई यह आलीशान इमारत अब सफेद हाथी साबित हो रही है। रख-रखाव के अभाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण ग्रामीणों को इस सुविधा का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लक्ष्मी आजीविका मिशन के तहत इस शौचालय की देखरेख के लिए नियुक्त की गई केयरटेकर अनीता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पिछले लगभग 12 महीनों से उन्हें उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। मानदेय न मिलने के कारण उनके परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अनीता का कहना है कि उन्होंने बकाया मानदेय के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों के चक्कर काटे और गुहार लगाई, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है, समाधान नहीं। प्रधान प्रतिनिधि के परिवार पर मिलीभगत और बंदरबांट का आरोप शौचालय बंद होने और केयरटेकर को भुगतान न मिलने से नाराज गांव के श्रीकेश, जवाहर, बंटी और ऋषि सहित अन्य ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लक्ष्मी आजीविका मिशन समूह की पदाधिकारी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के परिवार से ही ताल्लुक रखती हैं। ग्राम पंचायत के खाते से हर महीने लगभग 9 हजार रुपये की राशि समूह के खाते में नियमित रूप से ट्रांसफर की जा रही है। इसके बावजूद केयरटेकर को फूटी कौड़ी नहीं दी गई। ग्रामीणों ने समूह के पदाधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर मिलीभगत कर सरकारी धनराशि के बंदरबांट का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई: ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि इस पूरे मामले पर जब ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि इंद्रजीत त्रिपाठी से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालय के संचालन और केयरटेकर के मानदेय भुगतान से जुड़े पूरे मामले की बारीकी से जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि: यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। शौचालय को जल्द से जल्द दोबारा चालू कराकर ग्रामीणों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग गाँव में फैले इस आक्रोश के बीच, ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से अपील की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, केयरटेकर के पिछले 12 महीने के बकाया मानदेय का तुरंत भुगतान हो और सामुदायिक शौचालय को नियमित रूप से संचालित कराया जाए ताकि सरकारी पैसे का सही सदुपयोग हो सके।

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