तेजवापुर में सड़क दुर्घटना के बाद बीमा क्लेम के लिए एजेंसी में खड़ी कराई गई एक कार डेढ़ साल बाद एक गैराज में बरामद हुई है। पुलिस ने चेसिस नंबर का मिलान कर वाहन की पहचान की पुष्टि की है। हालांकि, कार का इंजन गायब मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस गैराज संचालकों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि वाहन एजेंसी से गैराज तक कैसे पहुंचा। जानकारी के अनुसार, पीड़ित दीपक कुमार मौर्य की कार दिसंबर 2024 में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसके बाद वाहन को मरम्मत और बीमा क्लेम की प्रक्रिया के लिए बसंतापुर स्थित आनंद मोटर एजेंसी में खड़ा कराया गया था। कुछ समय बाद बीमा कंपनी ने क्लेम निरस्त कर दिया। जब दीपक अपनी कार लेने पहुंचे तो वाहन एजेंसी में नहीं मिला। एजेंसी कर्मचारियों ने पहले बताया कि गाड़ी बीमा कंपनी ले गई है, जबकि बाद में कहा गया कि वाहन मालिक स्वयं ले गया था। विरोधाभासी जवाब मिलने पर पीड़ित ने एजेंसी और बीमा कंपनी से जानकारी जुटाने के साथ आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। मार्च 2026 में हुई जांच में एजेंसी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया था। शुक्रवार को दीपक को सूचना मिली कि उनकी कार नानपारा बाईपास स्थित बरवा मोड़ के पास यूपी-40 गैराज में खड़ी है। सूचना पर पहुंचे टिकोरा मोड़ चौकी प्रभारी अभय कुमार ने वाहन का चेसिस नंबर मिलान कराया, जो सही पाया गया। इसके बाद कार को पुलिस कब्जे में लेकर चौकी परिसर में खड़ा करा दिया गया। पुलिस ने गैराज संचालक साजू और सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार का इंजन गायब मिलने से वाहन चोरी और कटान से जुड़े संभावित नेटवर्क की आशंका भी गहरा गई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
कार डेढ़ साल बाद गैराज में मिली, इंजन गायब:तेजवापुर में दुर्घटना के बाद एजेंसी से गायब हुई थी, चेसिस नंबर से पुष्टि
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