लखनऊ। महानगर इलाके में सोमवार रात एक फर्जी आईपीएस पकड़ा गया। उसने गोल चौराहे पर एक दुकान से 40 रुपए का बन-मक्खन खाया। इसके बाद बिना पैसे दिए वहां से फोरव्हीलर में सवार होकर जाने लगा। तब तक पुलिस आ गई। पुलिसकर्मियों के पूछने पर बोला कि मैं नोएडा से आईपीएस अफसर। मुझे सैल्यूट करो। पुलिस को संदेह हुआ तो उन्होंने आईडी कार्ड मांगा। इस पर फर्जी आईपीएस थोड़ा गुस्सा होते हुए उनके नाम पूछने लगा। उसके हाव-भाव से पुलिसवालों का शक गहरा गया और उसे हिरासत में ले लिया। मामले में महानगर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्र ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक महानगर के गोल चौराहे पर देर रात चाय दुकान पर एक कार में सवार चार लोग रुके। सफेद टीशर्ट और चश्मा लगाए व्यक्ति ने 40 रुपए का बन-मक्खन खाया। इसके बाद पैसे देने से मना कर दिया। युवक जाकर अपनी कार में बैठ गया। उसके कार में बैठते ही दुकान से एक लड़का क्यूआर कोड लाकर 40 रुपए पेमेंट करने को कहने लगा। इस पर वह व्यक्ति कार में बैठे हुए ही झगड़ा करता रहा। दुकानदार ने डायल-112 पर इसकी सूचना दे दी। कुछ ही मिनट बाद 4-5 पुलिसवाले आ गए।
उन्होंने चारों को नीचे उतरने को कहा। सभी नीचे उतरे लेकिन सफेद टीशर्ट वाला व्यक्ति बोला कि मैं आईपीएस हूं। मुझे सैल्यूट करो। मुझे नोएडा से यहां के इंस्पेक्शन के लिए भेजा गया है। पुलिसकर्मियों से विवाद के दौरान ही एक पुलिस अधिकारी वहां आ गए। उसे हिरासत में ले लिया।
महानगर इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी मड़ियांव थाना क्षेत्र के भरतनगर में रहता है। नोएडा में पोस्टेड आईपीएस बता रहा था। उस पर मुकदमा दर्ज कर हवालात में बंद कर दिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कबूला कि वह आईपीएस नहीं है। वह नोएडा में रहता है। वहां सैमसंग कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर काम कर रहा है।












