सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र के लालपुर चौकी अंतर्गत धनगढ़वा-भगवानिया नहर पर गिरे एक पुराने कर्मा के पेड़ की कटाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में वन और सिंचाई विभाग के बीच जमीन के मालिकाना हक को लेकर गतिरोध बना हुआ है, जिसके बाद सिद्धार्थनगर की एसडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, यह पेड़ प्राकृतिक कारणों से पहले ही गिर चुका था। 17 जून को कुछ लोग इसे काटकर ले जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण वे सफल नहीं हो पाए। बाद में वन विभाग ने लकड़ी को अपने कब्जे में लेकर प्राथमिक विद्यालय भागोनिया के मोड़ पर एक बगीचे में रखवा दिया। अब यह मामला वन विभाग और सिंचाई विभाग के बीच जमीन के मालिकाना हक को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। दोनों विभाग पेड़ की वास्तविक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर की सफाई के दौरान पूर्व में भी कई पेड़ काटे जा चुके हैं। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नहर किनारे लगे पेड़ों के साथ ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। ककरहवा क्षेत्र के फॉरेस्ट गार्ड शैलेंद्र कुमार यादव ने दावा किया है कि पेड़ सिंचाई विभाग की जमीन पर नहीं, बल्कि निजी भूमि पर स्थित था। उन्होंने यह भी बताया कि इसके कटान के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और इस संबंध में कार्रवाई प्रचलित है। दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ सिंचाई विभाग के नहर के बंदे पर ही लगा था और यह घटना से पहले ही गिर चुका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिद्धार्थनगर की एसडीओ मालविका जैसल ने संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। एसडीओ जैसल ने कहा, “यदि यह साबित होता है कि पेड़ सिंचाई विभाग के नहर के बंदे (सरकारी जमीन) पर स्थित था, तो नियमों का उल्लंघन करने वाले संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
नहर किनारे गिरे कर्मा पेड़ की कटाई पर विवाद:मोहाना में वन-सिंचाई विभाग के बीच मालिकाना हक पर जांच शुरू
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