सिद्धार्थनगर में लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों को याद करते हुए बुधवार को बढ़नी में भावुक माहौल देखने को मिला। युवाओं और स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोग मौन होकर आगे बढ़े और हादसे को शिक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मानकों के लिए बड़ा सवाल बताया। बस चौराहे से तिरंगा चौराहे तक निकला कैंडल मार्च श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत बढ़नी बस चौराहे से हुई। यहां बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय लोग एकत्र हुए और मोमबत्तियां जलाकर मौन मार्च निकाला। कैंडल मार्च तिरंगा चौराहे तक पहुंचा, जहां श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में व्यक्त किया गया गहरा शोक श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने लखनऊ के कोचिंग सेंटर हादसे में मृत बताए गए छात्रों को याद किया और उनके प्रति संवेदना प्रकट की। मौजूद लोगों ने मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। ‘पूरा देश इस घटना से आहत’ पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन निसार अहमद बागी ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। उन्होंने ईश्वर से मृतकों के परिजनों को यह कठिन समय सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। युवाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी जताई चिंता कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा किसी भी व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए। मौन और मोमबत्ती के जरिए दी गई श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने हाथों में कैंडल लेकर मौन श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे कार्यक्रम में भावनात्मक माहौल बना रहा। लोगों ने एकजुट होकर दिवंगतों को याद किया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई सामाजिक और राजनीतिक लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में पूर्व चेयरमैन निसार अहमद बागी के अलावा राजेंद्र भारती (जिला अध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी), मंगेश यादव, उमेश यादव, मोहम्मद फारूक राईनी, बब्बू इदरीसी, शहंशाह, मोतिबुल पठान, राजेश चौधरी, खादिम हुसैन, नसीम अहमद (जुम्मन), वासुदेव कसौधन, चांद बाबू और मासूम अली सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन दिवंगतों की आत्मा की शांति की प्रार्थना के साथ किया गया।
सिद्धार्थनगर में कैंडल मार्च निकाल युवाओं ने दी श्रद्धांजलि:बढ़नी में नम आंखों से याद किए गए कोचिंग हादसे के पीड़ित, कहा- ऐसी घटनाएं नहीं दोहराई जानी चाहिए
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