बढ़नी कस्बे में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो पैथोलॉजी केंद्रों पर छापेमारी कर उन्हें सील कर दिया। श्याम पैथोलॉजी सेंटर में छापेमारी की भनक लगते ही संचालक मौके से फरार हो गया और एक कमरे में ताला लगा दिया। तहसीलदार श्रीप्रकाश यादव की अगुवाई में टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ताला तोड़कर कमरे की तलाशी ली। जांच में कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर और पैथोलॉजी से जुड़े प्रचार-प्रसार के दस्तावेज बरामद हुए। दूसरे कमरे से पैथोलॉजी जांच में उपयोग होने वाली मशीनें, किट, इनवर्टर, बैटरी और फ्रिज सहित कई उपकरण मिले। यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था। गीता डायग्नोस्टिक सेंटर में भी मिली अनियमितता स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाद में गीता डायग्नोस्टिक सेंटर पर भी छापेमारी की। यहां स्थिति और गंभीर पाई गई। जांच के दौरान एक बीए डिग्रीधारक अप्रशिक्षित व्यक्ति मरीजों की रक्त जांच कर रहा था। मौके पर दो मरीज अपनी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। टीम को न तो कोई पंजीकृत चिकित्सक मिला और न ही प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ या लैब टेक्नीशियन मौजूद थे। जब संचालक से स्टाफ बुलाने के लिए कहा गया, तो वह किसी को नहीं बुला सका। इससे यह साफ हो गया कि सेंटर पूरी तरह अवैध रूप से संचालित हो रहा था। दोनों केंद्रों को तत्काल सील, मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दोनों सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित पाए गए। टीम ने उन्हें मौके पर सील कर दिया और संबंधित अधिकारियों को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. एमएम त्रिपाठी ने बताया कि यह नियमों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अवैध केंद्र मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बढ़नी पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश चौधरी और पटल सहायक अभिनव मणि त्रिपाठी भी कार्रवाई में मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
सिद्धार्थनगर में दो अवैध पैथोलॉजी सेंटर सील:अवैध संचालक फरार, मजिस्ट्रेट ने ताला तोड़कर जांच की
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