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श्रावस्ती में सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला:मदद को आगे आई महिला, लोग बनाते रहे वीडियो; दो मासूम बेटियां मांगती रहीं मदद


श्रावस्ती के इकौना कस्बे में शुक्रवार को इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई। सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला मदद की आस लगाए पड़ी रही, जबकि मौके पर मौजूद अधिकांश लोग तमाशबीन बने रहे। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। इसी बीच स्थानीय निवासी मन्नू देवी ने आगे बढ़कर महिला की मदद की। उनका यह मानवीय प्रयास सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। गर्भवती महिला के साथ उसकी दो छोटी बेटियां भी थीं, जो राहगीरों से लगातार मदद की अपील कर रही थीं। बावजूद इसके कोई भी व्यक्ति सहायता के लिए आगे नहीं आया। घटना की जानकारी मिलने पर इकौना निवासी मन्नू देवी अपने घर से बाहर निकलीं। उन्होंने देखा कि मौके पर भीड़ तो जुटी है, लेकिन कोई महिला की मदद नहीं कर रहा है। पानी पिलाया, एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल पहुंचाया मन्नू देवी ने सबसे पहले गर्भवती महिला को पानी पिलाया। इसके बाद उसकी दोनों बेटियों को भी पानी और बिस्किट दिए। फिर उन्होंने एम्बुलेंस बुलाकर महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इकौना पहुंचाया। गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर सीएचसी के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि महिला का पहले ऑपरेशन से प्रसव हो चुका है और इस बार भी ऑपरेशन की आवश्यकता है। साथ ही उसके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर काफी कम मिला, जिससे उसकी स्थिति गंभीर थी। इसके बाद उसे पहले जिला अस्पताल भिनगा और फिर बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया। महिला बहराइच जिले के विशेश्वरगंज क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। उसकी आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है। ‘एक महिला का दर्द दूसरी महिला ही समझ सकती है’ मन्नू देवी ने बताया कि वह घर पर काम कर रही थीं। तभी उनके बड़े बेटे ने बाहर किसी महिला के रोने की जानकारी दी। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि महिला दर्द से तड़प रही थी और उसके साथ मौजूद दोनों बच्चियां भी परेशान थीं। उन्होंने कहा, “एक महिला का दर्द दूसरी महिला ही समझ सकती है। मानवता के नाते मैंने उसकी मदद की।” सोशल मीडिया पर हो रही सराहना मन्नू देवी की संवेदनशीलता और समय पर की गई मदद की स्थानीय लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी खूब सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि भीड़ में तमाशबीन बनने के बजाय जरूरतमंद की मदद करना ही सच्ची इंसानियत है।

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