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पप्पू गुप्ता हत्याकांड का अंत, एक लाख का इनामी मुख्य शूटर सरबजीत पुलिस मुठभेड़ में ढेर

पीलीभीत। करीब एक महीने से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा पप्पू गुप्ता हत्याकांड का मुख्य शूटर आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। एक लाख रुपये के इनामी बदमाश सरबजीत सिंह को शनिवार देर रात बिलसंडा थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव के पास हुई मुठभेड़ में पुलिस ने मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिसमें बिलसंडा थानाध्यक्ष की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली जा धंसी, जबकि एसओजी के एक दरोगा और एक सिपाही घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल आरोपी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

खुफिया सूचना पर बिछाया गया जाल

पुलिस को शनिवार देर रात सूचना मिली थी कि पप्पू गुप्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह अपने एक साथी के साथ शीतलपुर गांव के आसपास मौजूद है। सूचना मिलते ही बिलसंडा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने इलाके की घेराबंदी कर संयुक्त अभियान शुरू किया।पुलिस को देखते ही दोनों बदमाश भागने लगे। खुद को चारों तरफ से घिरा देख उन्होंने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने सुरक्षित मोर्चा लेते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान सरबजीत सिंह के सीने में गोली लगी और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।

पुलिसकर्मी भी हुए घायल

मुठभेड़ के दौरान बिलसंडा थानाध्यक्ष जगदीप मलिक की बुलेटप्रूफ जैकेट में एक गोली जा धंसी। यदि जैकेट नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं एसओजी के एक उपनिरीक्षक और एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई सांस

घायल सरबजीत सिंह को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया, लेकिन वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने घटनास्थल से अवैध हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया है। सरबजीत के साथ मौजूद दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में आसपास के जंगलों और गांवों में कांबिंग अभियान चलाया जा रहा है।

28 मई को दिनदहाड़े हुई थी सनसनीखेज हत्या

28 मई को बिलसंडा कस्बे में व्यापारी पंकज कटियार को डराने-धमकाने के लिए किराए के शूटर बुलाए गए थे। इसी दौरान पड़ोसी कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता विवाद शांत कराने पहुंचे। तभी बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल पप्पू गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई थी।दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे जिले में दहशत फैला दी थी। व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी।

लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों पर भी गिरी थी गाज

घटना थाना परिसर से अधिक दूर नहीं हुई थी, जिसके चलते पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने तत्काल एक चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। बाद में तत्कालीन बिलसंडा थानाध्यक्ष को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसके बाद हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई थीं।

आठ आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल

जांच के दौरान पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना में सामने आया कि पूरी वारदात पूर्व नियोजित थी और हत्या को अंजाम देने के लिए बाहर से पेशेवर शूटर बुलाए गए थे। मुख्य शूटर सरबजीत सिंह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।सरबजीत के मारे जाने के बाद पुलिस का कहना है कि फरार अन्य आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मुठभेड़ को पप्पू गुप्ता हत्याकांड की जांच में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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