HomeHealth & Fitnessकासगंज विमान हादसे के बाद धनीपुर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर लगी रोक

कासगंज विमान हादसे के बाद धनीपुर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर लगी रोक

अलीगढ़ : कासगंज में सोमवार को चेतन एविएशन का प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अलीगढ़ के धनीपुर एयरपोर्ट से संचालित सभी प्रशिक्षण उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. इस फैसले के बाद चेतन एविएशन सहित सभी फ्लाइंग ट्रेनिंग गतिविधियां फिलहाल बंद कर दी गई हैं. हादसे की जांच के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की संयुक्त टीम कासगंज पहुंच गई है. जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही प्रशिक्षण उड़ानों को दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा.

कासगंज हादसे में प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें महिला प्रशिक्षु पायलट कायनात खान घायल हो गईं. हालांकि समय रहते स्थिति नियंत्रित होने से एक बड़ा हादसा टल गया. इस घटना के बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विमानन सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की गहन जांच में जुट गई हैं.

जांच में अहम बिंदू
जांच एजेंसियां दुर्घटनाग्रस्त विमान की तकनीकी स्थिति का विस्तृत परीक्षण करेंगी. मलबे और विमान के सभी महत्वपूर्ण पुर्जों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा. यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कहीं उड़ान के दौरान इंजन फेल तो नहीं हुआ, ईंधन आपूर्ति प्रणाली में कोई रुकावट तो नहीं आई अथवा विमान के पंखों या नियंत्रण प्रणाली में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी तो नहीं थी?
इसके साथ ही DGCA फ्लाइंग क्लब के रिकॉर्ड भी खंगालेगी. जांच में यह देखा जाएगा कि विमान की निर्धारित समय पर सर्विसिंग और रखरखाव हुआ था या नहीं, विमान को उड़ान के लिए आवश्यक एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट नियमानुसार जारी किया गया था या नहीं तथा विमान में उपयोग किए गए ईंधन की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं?

जांच का दायरा केवल विमान तक सीमित नहीं रहेगा. प्रशिक्षु पायलट की उड़ान योग्यता, कुल फ्लाइंग घंटे, मेडिकल फिटनेस और इस उड़ान के लिए उनकी पात्रता की भी समीक्षा की जाएगी. साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि उड़ान से पहले फ्लाइट इंस्ट्रक्टर द्वारा प्री-फ्लाइट ब्रीफिंग और सुरक्षा संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं? हादसे के समय मौसम की स्थिति और उसका विमान संचालन पर संभावित प्रभाव भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा.

जांच एजेंसियां एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की रिकॉर्डिंग भी खंगालेंगी. विमान और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच हुई अंतिम बातचीत को सुनकर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि दुर्घटना से ठीक पहले पायलट ने किसी तकनीकी खराबी या अन्य समस्या की जानकारी दी थी या नहीं?

अलीगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक सत्यव्रत सारस्वत ने बताया कि हादसे के बाद DGCA की टीम जांच के लिए पहुंच चुकी है. जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट महानिदेशालय को सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और प्रशिक्षण उड़ानों को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा. दुर्घटनाग्रस्त चेतन एविएशन के VT-AFB विमान को फिलहाल घटनास्थल से नहीं हटाया जाएगा. जांच पूरी होने के बाद विमान के पुर्जों को अलग-अलग कर ट्रक के माध्यम से धनीपुर एयरपोर्ट लाया जाएगा, जहां आगे तकनीकी परीक्षण और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

पहले हुए हादसे
29 जुलाई 2011 को पायनियर फ्लाइंग क्लब का टू सीटर प्रशिक्षण विमान खान गढ़ी गांव के खेतों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें मुख्य पायलट कैप्टन राकेश ग्रोवर की मौत हो गई थी.

27 अगस्त 2019 को दिल्ली से अलीगढ़ आ रहा विमान लैंडिंग के दौरान बिजली के तारों में उलझकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

11 जुलाई 2021 को एंबीशन फ्लाइंग क्लब के एक प्रशिक्षण विमान का लैंडिंग गियर टूट गया था, जिससे विमान रनवे से फिसलकर बाहर चला गया.

4 मई 2025 को पायनियर फ्लाइंग क्लब का प्रशिक्षण विमान लैंडिंग के दौरान संतुलन खोकर एयरपोर्ट की चारदीवारी से टकरा गया.

19 अप्रैल 2026 को भी पायनियर फ्लाइंग अकादमी का विमान लैंडिंग के समय असंतुलित हो गया था, जिसमें नागपुर की महिला प्रशिक्षु पायलट बाल-बाल बची थीं.

24 मई 2026 को तकनीकी खराबी आने पर एक प्रशिक्षण विमान की अलीगढ़ के चंगेरी गांव के पास खेत में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी.

धनीपुर को वर्ष 2018 में हवाई अड्डे का दर्जा मिला था और वर्ष 2024 से यहां नियमित विमान संचालन शुरू हुआ. वर्तमान में यहां चेतन एविएशन और पायनियर फ्लाइंग अकादमी जैसे संस्थान वाणिज्यिक पायलट प्रशिक्षण संचालित करते हैं. प्रतिदिन औसतन 25 से 30 प्रशिक्षण उड़ानें संचालित होती हैं और कमर्शियल पायलट बनने के लिए एक प्रशिक्षु को लगभग 45 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. लगातार सामने आ रहे प्रशिक्षण विमान हादसों ने अब फ्लाइंग सेफ्टी, प्रशिक्षण मानकों और तकनीकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. DGCA और AAIB की जांच रिपोर्ट पर अब पूरे विमानन कंपनी की नजरें टिकी हुई हैं.

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments