श्रावस्ती में बाढ़ से निपटने की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन द्वारा राहत चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर मंगलवार को करीब 4:00 बजे जमुनहा तहसील में व्यापक स्तर पर ये चौपालें लगाई गईं, जहां ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। ये चौपालें बहोरवा, ब्लॉक कार्यालय जमुनहा, लालबोझा दर्वेशगांव, लक्ष्मननगर और फतेहपुर बनगाई में आयोजित की गईं। इनमें नागरिकों को बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित रहने और आवश्यक कदम उठाने के बारे में बताया गया। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि जिला प्रशासन आपदा पूर्व सूचना तंत्र को मजबूत कर रहा है। वर्षा, बाढ़, आंधी-तूफान और वज्रपात से संबंधित पूर्व चेतावनियां लगातार जारी की जा रही हैं। प्रत्येक ब्लॉक में तीन स्वचालित वर्षा मापी और प्रत्येक तहसील में तीन स्वचालित मौसम सूचना तंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे आमजन वर्षा, तापमान और वायु गति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तत्पर राहत चौपालों में बाढ़ चौकी प्रभारियों ने नागरिकों से अपील की कि बाढ़ की सूचना मिलते ही निकटतम शरणालय में जाएं, जहां भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बहोरवा राहत चौकी पर उपजिलाधिकारी संजर राय ने आवश्यक दस्तावेजों को वाटरप्रूफ फाइल में रखने, सात दिन का सूखा राशन सुरक्षित रखने और ‘सचेत’ व ‘दामिनी’ ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी। इसी क्रम में लक्ष्मननगर में एसडीआरएफ टीम ने ग्रामीणों को बाढ़ आपदा से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। इससे पहले भिनगा और इकौना तहसील के बाढ़ शरणालयों में भी राहत चौपाल आयोजित की जा चुकी हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आपदा की स्थिति में सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तत्पर है।
श्रावस्ती में बाढ़ से निपटने को प्रशासन मुस्तैद:राहत चौपाल में दी जा रही बचाव और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी, कहा- सचेत ऐप डाउनलोड करें
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












