लखनऊ। यायावर रंगमंडल और संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार,के सहयोग से दो दिवसीय उल्लास बाल पर्व का आयोजन कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में किया गया। दूसरी संध्या मंगलवार को जानकीपुरम स्थित पूरन शिक्षा केंद्र के छात्रों द्वारा तैयार लघु नृत्य नाटिका “गोपाल से जगत पाल तक” का प्रदर्शन वंशिका शर्मा की परिकल्पना एवं नृत्य निर्देशन में किया गया। इसमें विनय कुमार सहायक रहें वहीं दूसरी प्रस्तुति गोमतीनगर स्थित सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज के प्रतिभागियों द्वारा तैयार नाटक “एक सपना” का मंचन योगेन्द्र जोशी के आलेख एवं अंकित श्रीवास्तव के निर्देशन में किया गया जबकि इसमें कार्यशाला निदेशक मोहम्मद हफीज थे। गोपाल से जगतपाल तक प्रस्तुति की नाम के अनुरूप भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित थी। चिरपरिचित प्रसंगों के माध्यम से बाल गोपालों ने अपने कुशल अभिनय से सबका दिल जीत लिया। इसमें दर्शाया गया कि मथुरा के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के उपरांत उनके पिता वासुदेव जी उन्हें यमुना पार कर गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के घर छोड़ आते हैं।
दो दिवसीय उल्लास बाल पर्व का आयोजन
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