पुणे: चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के बीच उनके परिवार पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा है। केतन अग्रवाल के दादा और सक्सेस ग्रुप (Success Group) के संस्थापक देविचंद अग्रवाल का शनिवार को निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। परिवार के अनुसार, पोते की मौत के बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और शनिवार को उन्हें दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा।
देविचंद अग्रवाल को पुणे के प्रमुख रियल एस्टेट कारोबारियों में गिना जाता था। सक्सेस ग्रुप की वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने अपने कारोबारी सफर की शुरुआत महाराष्ट्र के तुलजापुर में एक छोटी किराना दुकान से की थी। बाद में पुणे आकर उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र में कदम रखा और उद्योग, आवासीय तथा व्यावसायिक परियोजनाओं के जरिए सक्सेस ग्रुप को स्थापित किया।
पोते के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते रहे
पोते केतन अग्रवाल की मौत के बाद देविचंद अग्रवाल लगातार न्याय की मांग कर रहे थे। कुछ दिन पहले वह कमजोर स्वास्थ्य के बावजूद पुणे में निकाली गई कैंडल मार्च में शामिल हुए थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि परिवार को अपने ही करीबी लोगों ने धोखा दिया है और मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि केतन की मंगेतर सिया गोयल पर शादी के लिए परिवार की ओर से दबाव डाला गया था। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की गहन जांच करने और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की थी।
पुलिस के अनुसार, पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित तौर पर लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या की गई थी। जांच में आरोप है कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस वारदात की साजिश रची। दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है।












