अमृतपुर गांव के एक ग्रामीण को वर्ष 1991 में मृत दिखाकर उसकी जमीन का वरासत गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया था। चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद यह वरासत निरस्त हो गया, लेकिन 30 साल बाद भी जमीन की खतौनी में मूल मालिक का नाम दर्ज नहीं हो पाया है। मोतीपुर तहसील के ग्राम पंचायत अमृतपुर निवासी राजेंद्र ने इस मामले में जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा है। उनके पिता खूब लाल के नाम गाटा संख्या 67, रकबा 0.516 हेक्टेयर जमीन दर्ज है। आरोप है कि आरोपी ग्रामीण ने खूब लाल के जीवित रहते हुए मृत दर्शाकर जमीन का वरासत अपने नाम करा लिया।। खूब लाल को इस धोखाधड़ी की जानकारी वर्ष 1995 में हुई, जिसके बाद उन्होंने वाद दायर किया। उसी वर्ष तहसीलदार ने उनका नाम दर्ज करने का आदेश भी दिया था। इसके बावजूद 30 साल बीत जाने के बाद भी खतौनी में उनका नाम दर्ज नहीं हो सका। अब खूब लाल के निधन के बाद उनके पुत्र राजेंद्र न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम राम दयाल ने बताया कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर जमीन हड़पने का मामला:अमृतपुर में 30 साल से खतौनी में नाम दर्ज नहीं, न्याय के लिए भटक रहा परिवार
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!










