Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)बहराइच में मिहींपुरवा को मिली नई एसडीएम:अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी ने संभाली कमान

बहराइच में मिहींपुरवा को मिली नई एसडीएम:अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी ने संभाली कमान


बहराइच के मिहींपुरवा तहसील को नई उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मिल गई हैं। अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी अमिता यादव ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालते ही तहसील की प्रशासनिक जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर आ गई है। नई तैनाती के साथ ही क्षेत्रवासियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि राजस्व मामलों, कानून-व्यवस्था और जन शिकायतों के निस्तारण में तेजी देखने को मिलेगी। 2014 में गोरखपुर से शुरू हुआ प्रशासनिक सफर अमिता यादव मूल रूप से देवरिया जनपद की निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में गोरखपुर में नायब तहसीलदार के रूप में अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने विभिन्न जनपदों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और प्रशासनिक अनुभव हासिल किया। रायबरेली और लखीमपुर खीरी में भी निभाई अहम जिम्मेदारी वर्ष 2018 में अमिता यादव को रायबरेली में तहसीलदार बनाया गया। इसके बाद वर्ष 2021 में उन्होंने लखीमपुर खीरी में तहसीलदार के रूप में कार्य किया। बेहतर कार्यशैली के आधार पर उन्हें पदोन्नति मिली और बाद में अतिरिक्त उपजिलाधिकारी (एडीएम स्तर के समकक्ष उपजिलाधिकारी पद) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। नई तैनाती पर जनता की बड़ी उम्मीदें मिहींपुरवा में उनकी तैनाती के बाद स्थानीय लोगों को प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी प्रशासन की उम्मीद है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि अनुभवी अधिकारी होने के कारण वह लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाएंगी और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देंगी। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विवादों और जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। कानून-व्यवस्था और जनशिकायतों पर रहेगा विशेष फोकस नई एसडीएम के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना, राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण, जन शिकायतों का प्रभावी समाधान और शासन की योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। प्रशासनिक स्तर पर यह भी उम्मीद की जा रही है कि तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाया जाएगा। प्रशासनिक शैली पर रहेंगी सबकी निगाहें अमिता यादव अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान एक वायरल वीडियो को लेकर भी चर्चा में रह चुकी हैं। हालांकि, मिहींपुरवा में उनकी नई तैनाती के बाद लोगों की निगाहें अब उनके कार्यों, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक शैली पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि नई एसडीएम विकास कार्यों में गति लाने के साथ-साथ आम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करेंगी तथा सुशासन को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी पहल करेंगी।

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