बहराइच-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित संजय सेतु घाघरा पुल की मरम्मत के एक माह बाद ही उसमें फिर से दरारें दिखाई देने लगी हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर किए गए इस मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लखनऊ-बहराइच मार्ग पर घाघरा नदी पर बने इस पुल के ज्वाइंटर के पास की गिट्टियां उखड़ गई हैं। साथ ही, पुल के एक हिस्से में दोबारा ज्वाइंटर में छेद जैसी स्थिति सामने आई है, जिससे आवागमन को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह पुल करोड़ों रुपये की लागत से मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के बाद हाल ही में यातायात के लिए खोला गया था। एक माह के भीतर ही इस तरह की समस्या सामने आना मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल को दो महीने की मरम्मत के बाद खोला गया था। जानकारी मिलते ही कार्यदायी संस्था के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। पुल से भारी वाहनों का लगातार आवागमन जारी है, इसलिए मरम्मत के दौरान यातायात बाधित न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है। इस संबंध में बहराइच एनएचआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि ज्वाइंटर के पास कुछ स्थानों पर धूल-मिट्टी की वजह से गिट्टी उखड़ गई थी, जिसे ठीक करवा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है।
घाघरा पुल पर मरम्मत के एक माह बाद फिर दरारें:ज्वाइंटर में छेद, करोड़ों खर्च के बाद गुणवत्ता पर उठे सवाल, एनएचआई बोले- पुल पूरी तरह सुरक्षित
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